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एक अप्रैल से नहीं गए अपने घर, बच्चों से करते हैं फोन पर बात
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बिजनौर के लैब टेक्नीशियन देवेंद्र सिंह
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर।
चिकित्सकों के साथ सैंपलिंग कार्य में लगे लैब टेक्नीशियन कोरोना के संभावित संक्रमण के भय के कारण अपने परिजनों के बीच नहीं पहुंचे हैं। इनमें दो लैब टेक्नीशियन तो ऐसे हैं कि वे अपने बच्चों से फोन पर ही बात कर लेते हैं। उनका कहना है कि एक अप्रैल से अब तक वे अपने घर पर नहीं गए। जिले में कुल दस क्वारंटीन सेंटर बनाये गए हैं। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहटौर, अफजलगढ़, स्याऊ, आईटीआई बिजनौर एवं आईटीआई समीपुर, लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी, विवेक कॉलेज बिजनौर, माता गायत्री देवी नर्सिंग स्कूल दारानगर गंज, सीवी रमन पॉलीटेक्निक नजीबाबाद शामिल हैं। इन पर लगभग 650 संभावित मरीज क्वारंटीन हैं। इन पर आने वाले रोजाना कोरोना के संदिग्ध मरीज इन सेंटरों पर क्वारंटीन किए जाते हैं और इसके बाद टीम इनमे सैंपल लेकर जांच के लिए भेजती है।
हल्दौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन भीम सिंह बताते हैं कि उनकी डयूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही लगाई गई है। वे रोजाना यहां पर क्वारंटीन होने वाले मरीजों की सैंपलिंग कर जांच के लिए जिला मुख्यालय को भेजते हैं। उनका मकसद है चाहे कुछ भी क्यों न करना पड़े, लेकिन वे कोरोना को हराकर ही दम लेंगे।
स्योहारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन देवेंद्र सिंह का कहना है कि वे मरीजों की जांच के लिए सैंपल लेते हैं। वर्तमान में इनकी डयूटी हल्दौर के सीएचसी पर लगाई है। अब तक वे विवेक कॉलेज, आरवीआई इंजीनियरिंग कॉलेज, सीएचसी हल्दौर तथा लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र के क्वारंटीन सेंटर से सैकड़ों संदिग्ध मरीजों के सैंपल ले चुके हैं।
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इन दोनों का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों की बहुत याद आती है, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए एक अप्रैल से अब तक वे अपने घरों को नहीं गए। इन्होंने बताया कि इनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।
कोरोना के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर ने बताया कि कोरोना को हराना ही हमारा प्रथम लक्ष्य है। इस कार्य में पूरी टीम पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ लगी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में कोरोना कोई पॉजिटिव केस नहीं है। जिले में कोरोना को हराने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। उन्होंने बताया कि जिले भर में कोरोना को मात देने में लगे कोरोना योद्घाओं पर नाज है।
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चिकित्सकों के साथ सैंपलिंग कार्य में लगे लैब टेक्नीशियन कोरोना के संभावित संक्रमण के भय के कारण अपने परिजनों के बीच नहीं पहुंचे हैं। इनमें दो लैब टेक्नीशियन तो ऐसे हैं कि वे अपने बच्चों से फोन पर ही बात कर लेते हैं। उनका कहना है कि एक अप्रैल से अब तक वे अपने घर पर नहीं गए। जिले में कुल दस क्वारंटीन सेंटर बनाये गए हैं। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहटौर, अफजलगढ़, स्याऊ, आईटीआई बिजनौर एवं आईटीआई समीपुर, लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी, विवेक कॉलेज बिजनौर, माता गायत्री देवी नर्सिंग स्कूल दारानगर गंज, सीवी रमन पॉलीटेक्निक नजीबाबाद शामिल हैं। इन पर लगभग 650 संभावित मरीज क्वारंटीन हैं। इन पर आने वाले रोजाना कोरोना के संदिग्ध मरीज इन सेंटरों पर क्वारंटीन किए जाते हैं और इसके बाद टीम इनमे सैंपल लेकर जांच के लिए भेजती है।
हल्दौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन भीम सिंह बताते हैं कि उनकी डयूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही लगाई गई है। वे रोजाना यहां पर क्वारंटीन होने वाले मरीजों की सैंपलिंग कर जांच के लिए जिला मुख्यालय को भेजते हैं। उनका मकसद है चाहे कुछ भी क्यों न करना पड़े, लेकिन वे कोरोना को हराकर ही दम लेंगे।
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स्योहारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन देवेंद्र सिंह का कहना है कि वे मरीजों की जांच के लिए सैंपल लेते हैं। वर्तमान में इनकी डयूटी हल्दौर के सीएचसी पर लगाई है। अब तक वे विवेक कॉलेज, आरवीआई इंजीनियरिंग कॉलेज, सीएचसी हल्दौर तथा लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र के क्वारंटीन सेंटर से सैकड़ों संदिग्ध मरीजों के सैंपल ले चुके हैं।
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इन दोनों का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों की बहुत याद आती है, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए एक अप्रैल से अब तक वे अपने घरों को नहीं गए। इन्होंने बताया कि इनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।
कोरोना के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर ने बताया कि कोरोना को हराना ही हमारा प्रथम लक्ष्य है। इस कार्य में पूरी टीम पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ लगी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में कोरोना कोई पॉजिटिव केस नहीं है। जिले में कोरोना को हराने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। उन्होंने बताया कि जिले भर में कोरोना को मात देने में लगे कोरोना योद्घाओं पर नाज है।

बिजनौर के लैब टेक्नीशियन भीम सिंह- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में जिला क्षय रोग अधिकारी/कोरोना के सैंपलिंग नोडल अधिकारी डॉक्टर बीएस रावत।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में कोरोना नोडल अधिकारी डॉक्टर पीआर नायर।- फोटो : BIJNOR