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कीटनाशक पीने से भाई-बहन की मौत
Sun, 20 Jan 2019 11:59 PM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 20 Jan 2019 11:59 PM IST
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मासूम संयम का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शिवालाकलां में गांव सुनगढ़ में शनिवार की शाम खेल-खेल में दो मासूम भाई-बहनों की कीटनाशक दवा पीने से मौत हो गई। परिवार में दो बच्चे की मौत से कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव सुनगढ़ निवासी धीरज उर्फ वीर सिंह चांदपुर स्थित एक पेपर मिल में मजदूरी करता है। शनिवार को वह पत्नी बबली के साथ बाजार में खरीदारी करने नूरपुर आया था। घर पर उसका आठ वर्षीय पुत्र संयम एवं तीन वर्षीय पुत्री तृप्ति अकेले थे। देर शाम पति और पत्नी खरीदारी कर वापस घर लौटे तो दोनों बच्चों को आंगन में बेहोश पड़ा देखकर उनके होश उड़ गए।
आननफानन में वह उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घर में फसल पर छिड़काव करने के लिए दवा रखी हुई थी। दोनों बच्चों ने खेल-खेल में कीटनाशक पी लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। धीरज उर्फ वीर सिंह की पत्नी ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष सतेंद्र सिरोही ने बताया कि परिजनों ने खेल-खेल में कीटनाशक पीने से बच्चों की मौत होने की तहरीर दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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धीरज और बबली की उजड़ी दुनिया
गांव सुनगढ़ निवासी धीरज उर्फ वीर सिंह के दो ही बच्चे थे। शनिवार का दिन उसके जीवन में ऐसा तूफान लेकर आया कि उसके दोनों बच्चे एक साथ काल के गाल में समा गए। ग्रामीणों के अनुसार धीरज चांदपुर स्थित एक पेपर मिल में मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर करता है। पत्नी बबली घर में रहकर अपने दो बच्चों की देखभाल करती थी। उन्हें नहीं पता था कि जब वह बाजार से खरीदारी करके लौटेंगे तो उनकी दुनिया ही उजड़ चुकी होगी। दोनों बच्चों की एक साथ हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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गांव सुनगढ़ निवासी धीरज उर्फ वीर सिंह चांदपुर स्थित एक पेपर मिल में मजदूरी करता है। शनिवार को वह पत्नी बबली के साथ बाजार में खरीदारी करने नूरपुर आया था। घर पर उसका आठ वर्षीय पुत्र संयम एवं तीन वर्षीय पुत्री तृप्ति अकेले थे। देर शाम पति और पत्नी खरीदारी कर वापस घर लौटे तो दोनों बच्चों को आंगन में बेहोश पड़ा देखकर उनके होश उड़ गए।
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आननफानन में वह उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घर में फसल पर छिड़काव करने के लिए दवा रखी हुई थी। दोनों बच्चों ने खेल-खेल में कीटनाशक पी लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। धीरज उर्फ वीर सिंह की पत्नी ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष सतेंद्र सिरोही ने बताया कि परिजनों ने खेल-खेल में कीटनाशक पीने से बच्चों की मौत होने की तहरीर दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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धीरज और बबली की उजड़ी दुनिया
गांव सुनगढ़ निवासी धीरज उर्फ वीर सिंह के दो ही बच्चे थे। शनिवार का दिन उसके जीवन में ऐसा तूफान लेकर आया कि उसके दोनों बच्चे एक साथ काल के गाल में समा गए। ग्रामीणों के अनुसार धीरज चांदपुर स्थित एक पेपर मिल में मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर करता है। पत्नी बबली घर में रहकर अपने दो बच्चों की देखभाल करती थी। उन्हें नहीं पता था कि जब वह बाजार से खरीदारी करके लौटेंगे तो उनकी दुनिया ही उजड़ चुकी होगी। दोनों बच्चों की एक साथ हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।