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‘शादी की उम्र 21 किए होने से बेटियां होंगी सशक्त’
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‘शादी की उम्र 21 किए होने से बेटियां होंगी सशक्त’
बिजनौर। अब 21 की उम्र पूरी होने से पहले लड़कियों की शादी करना गैरकानूनी होगा। पहले 18 साल थी, अब उम्र की सीमा बढ़ाए जाने से लड़कियां सशक्त हो सकेंगी। जल्द शादी का दबाव नहीं रहेगा तो शिक्षा और रोजगार के लिए पर्याप्त समय भी मिल जाएगा।
एडवोकेट और अभिभावक संघ के अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल ने बताया कि लड़कियों की बालिगता केंद्रीय कैबिनेट ने 18 से बढ़ाकर 21 तो कर दी। हालांकि अब समाज में वैसे भी शादी की उम्र 25 वर्ष आम हो गई है। अब बन चुके समाज के चलन को सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। उम्र 21 करने की जगह 18 साल की युवा लड़कियों को रोजगार व अधिकार परक कानून लाया जाए तो और भी बेहतर रहेगा। गृहिणी जया अग्रवाल ने कहा कि सरकार को कुछ ऐसा करना चाहिए कि लड़की 19 की उम्र में ही अपने पैरों पर खड़ी हो जाए। कहा कि उम्र बढ़ाने से लड़कियों पर घरेलू अपराध और अत्याचार कम नहीं हो जाएंगे। महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ा देना एक अच्छा कदम है। इस उम्र तक लड़कियों की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ जाएगी।
गृहिणी ज्योति विश्नोई ने कहा कि सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 कर दी। जबकि 16 से 17 वर्ष तक के लड़के बलात्कार जैसे संगीन अपराध करते हैं, फिर भी नाबालिग रहते हैं। लड़कियों की उम्र बढ़ाने की जगह लड़कों की बालिगता 16 से 17 वर्ष करनी चाहिए थी। मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि लड़कियों की बालिगता या शादी की उम्र बढ़ा देने से सरकार उन पर होने वाले अपराधों पर रोक नहीं लगा पाएगी। सरकार को अगर महिलाओं के प्रति सहानुभूति दिखानी है तो कड़े कानून बनाए।
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बिजनौर। अब 21 की उम्र पूरी होने से पहले लड़कियों की शादी करना गैरकानूनी होगा। पहले 18 साल थी, अब उम्र की सीमा बढ़ाए जाने से लड़कियां सशक्त हो सकेंगी। जल्द शादी का दबाव नहीं रहेगा तो शिक्षा और रोजगार के लिए पर्याप्त समय भी मिल जाएगा।
एडवोकेट और अभिभावक संघ के अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल ने बताया कि लड़कियों की बालिगता केंद्रीय कैबिनेट ने 18 से बढ़ाकर 21 तो कर दी। हालांकि अब समाज में वैसे भी शादी की उम्र 25 वर्ष आम हो गई है। अब बन चुके समाज के चलन को सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। उम्र 21 करने की जगह 18 साल की युवा लड़कियों को रोजगार व अधिकार परक कानून लाया जाए तो और भी बेहतर रहेगा। गृहिणी जया अग्रवाल ने कहा कि सरकार को कुछ ऐसा करना चाहिए कि लड़की 19 की उम्र में ही अपने पैरों पर खड़ी हो जाए। कहा कि उम्र बढ़ाने से लड़कियों पर घरेलू अपराध और अत्याचार कम नहीं हो जाएंगे। महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ा देना एक अच्छा कदम है। इस उम्र तक लड़कियों की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ जाएगी।
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गृहिणी ज्योति विश्नोई ने कहा कि सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 कर दी। जबकि 16 से 17 वर्ष तक के लड़के बलात्कार जैसे संगीन अपराध करते हैं, फिर भी नाबालिग रहते हैं। लड़कियों की उम्र बढ़ाने की जगह लड़कों की बालिगता 16 से 17 वर्ष करनी चाहिए थी। मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि लड़कियों की बालिगता या शादी की उम्र बढ़ा देने से सरकार उन पर होने वाले अपराधों पर रोक नहीं लगा पाएगी। सरकार को अगर महिलाओं के प्रति सहानुभूति दिखानी है तो कड़े कानून बनाए।
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