{"_id":"6171b96d79952924a8020d6b","slug":"damage-to-fishermen-due-to-rain-dhampur-news-mrt561685871","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से मछुआरों को हुआ नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से मछुआरों को हुआ नुकसान
विज्ञापन
शेरकोट में मिर्जापुर-तिपरजोत मार्ग पर बारिश रूकने के बाद जलभराव
- फोटो : DHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश से मछुआरों को हुआ नुकसान
शेरकोट। बारिश से किसानों का ही नहीं, मछली पालन करने वालों का भी भारी नुकसान हुआ है। मछुआरों का कहना है कि तालाबों में मछली बड़ी होने लगी थीं। बारिश ने तालाबों में पल रही मछलियों को बहा दिया। उन्होंने सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग की है।
रामगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से मिर्जापुर-तिपरजोत गांव का मुख्य मार्ग बाधित हो गया। लोगों को उमरपुर गांव से घूम कर जाने को विवश होना पड़ रहा है। किसान गिरधारी, दिनेश कुमार, मलखान सिंह, रमेश सिंह का कहना है कि खो व रामगंगा नदी के किनारे खेतों में बारिश का पानी बह रहा था। अधिकांश किसानों की धान और उड़द की फसलें कटी पड़ी थीं। पानी का तेज प्रवाह अपने साथ फसलों को बहा कर ले गया। गन्ने की फसल भी पानी के तेज प्रवाह के कारण गिर गई है और नदी की मिट्टी से ढक कर बर्बाद कर दिया है। रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मिर्जापुर तीपरजोत मार्ग पर पानी आ जाने से मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। मिर्जापुर जाने के लिए तीपरजोत वासियों को उमरपुर से घूम कर जाना पड़ रहा है।
इधर खो नदी की स्थिति सामान्य होने पर लोगों ने कुछ राहत महसूस की। किसानों का कहना है कि धान, गन्ने की फसलें नष्ट हो गई है। जिन लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर मछली पालन कर रखा था, उन्हें बारिश से काफी नुकसान हुआ है। नसीमुद्दीन, कल्याण का कहना है कि वह पांच लाख का बीज लेकर आए थे। अब मछली बड़ी होने लगी थीं। तेज हुई बारिश तालाबों में पल रही मछलियों को बहा कर ले गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
शेरकोट। बारिश से किसानों का ही नहीं, मछली पालन करने वालों का भी भारी नुकसान हुआ है। मछुआरों का कहना है कि तालाबों में मछली बड़ी होने लगी थीं। बारिश ने तालाबों में पल रही मछलियों को बहा दिया। उन्होंने सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग की है।
रामगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से मिर्जापुर-तिपरजोत गांव का मुख्य मार्ग बाधित हो गया। लोगों को उमरपुर गांव से घूम कर जाने को विवश होना पड़ रहा है। किसान गिरधारी, दिनेश कुमार, मलखान सिंह, रमेश सिंह का कहना है कि खो व रामगंगा नदी के किनारे खेतों में बारिश का पानी बह रहा था। अधिकांश किसानों की धान और उड़द की फसलें कटी पड़ी थीं। पानी का तेज प्रवाह अपने साथ फसलों को बहा कर ले गया। गन्ने की फसल भी पानी के तेज प्रवाह के कारण गिर गई है और नदी की मिट्टी से ढक कर बर्बाद कर दिया है। रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मिर्जापुर तीपरजोत मार्ग पर पानी आ जाने से मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। मिर्जापुर जाने के लिए तीपरजोत वासियों को उमरपुर से घूम कर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इधर खो नदी की स्थिति सामान्य होने पर लोगों ने कुछ राहत महसूस की। किसानों का कहना है कि धान, गन्ने की फसलें नष्ट हो गई है। जिन लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर मछली पालन कर रखा था, उन्हें बारिश से काफी नुकसान हुआ है। नसीमुद्दीन, कल्याण का कहना है कि वह पांच लाख का बीज लेकर आए थे। अब मछली बड़ी होने लगी थीं। तेज हुई बारिश तालाबों में पल रही मछलियों को बहा कर ले गई।
विज्ञापन