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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बना में मगरमच्छ का बच्चा
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बिजनौर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के तालाब के पास धूप सेकता मगरमच्छ का बच्चा।
- फोटो : BIJNOR
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना में मगरमच्छ का बच्चा
बिजनौर। करोड़ों की लागत से बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के तालाब में मगरमच्छ के बच्चे ने बसेरा बना लिया है। कई दिन से यहां पर मगरमच्छ का बच्चा देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी को इसने कोई हानि नहीं पहुंचाई है। लेकिन मगरमच्छ दिखने से कर्मचारी सहमे हुए हैं।
जिला मुख्यालय पर सीवर लाइन कई साल पहले बिछाई जा चुकी है। सीवरेज का ट्रीटमेंट प्लांट काजीपाड़ा से हेमराज कॉलोनी रोड पर जंगल में बनाया गया है। अभी घरों के कनेक्शन तो सीवर लाइन से नहीं किए गए हैं, लेकिन नालों को सीवर लाइन से जोड़ दिया गया है। नालों के पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में साफ किया जाता है। यहां कई मशीनों से साफ होने के बाद पानी एक तालाब में एकत्र किया जाता है। इस तालाब में मगरमच्छ का करीब तीन फीट लंबा बच्चा आ गया है। मगरमच्छ का बच्चा पिछले कई दिनों से तालाब की ढांग पर धूप सेंकते हुए देखा जा रहा है। इसे देखकर कर्मचारी भी हैरत में हैं। इससे पहले इस जंगल में आज तक मगरमच्छ नहीं देखा गया है।
पास में है बरसाती नदी
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास में बरसाती नदी की एक बहुत छोटी धारा निकलती है। इस धारा में तीन चार महीनों के लिए ही पानी आता है। माना जा रहा है कि इस धारा में ही बहकर आए किसी मगरमच्छ ने यहां अंडे दिए होंगे। यह बच्चा यहां ही पैदा हुआ है। यहां और भी मगरमच्छ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट में मगरमच्छ का बच्चा होने के बारे में जानकारी नहीं मिली है, मामले को दिखवाया जाएगा।
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बिजनौर। करोड़ों की लागत से बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के तालाब में मगरमच्छ के बच्चे ने बसेरा बना लिया है। कई दिन से यहां पर मगरमच्छ का बच्चा देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी को इसने कोई हानि नहीं पहुंचाई है। लेकिन मगरमच्छ दिखने से कर्मचारी सहमे हुए हैं।
जिला मुख्यालय पर सीवर लाइन कई साल पहले बिछाई जा चुकी है। सीवरेज का ट्रीटमेंट प्लांट काजीपाड़ा से हेमराज कॉलोनी रोड पर जंगल में बनाया गया है। अभी घरों के कनेक्शन तो सीवर लाइन से नहीं किए गए हैं, लेकिन नालों को सीवर लाइन से जोड़ दिया गया है। नालों के पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में साफ किया जाता है। यहां कई मशीनों से साफ होने के बाद पानी एक तालाब में एकत्र किया जाता है। इस तालाब में मगरमच्छ का करीब तीन फीट लंबा बच्चा आ गया है। मगरमच्छ का बच्चा पिछले कई दिनों से तालाब की ढांग पर धूप सेंकते हुए देखा जा रहा है। इसे देखकर कर्मचारी भी हैरत में हैं। इससे पहले इस जंगल में आज तक मगरमच्छ नहीं देखा गया है।
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पास में है बरसाती नदी
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास में बरसाती नदी की एक बहुत छोटी धारा निकलती है। इस धारा में तीन चार महीनों के लिए ही पानी आता है। माना जा रहा है कि इस धारा में ही बहकर आए किसी मगरमच्छ ने यहां अंडे दिए होंगे। यह बच्चा यहां ही पैदा हुआ है। यहां और भी मगरमच्छ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट में मगरमच्छ का बच्चा होने के बारे में जानकारी नहीं मिली है, मामले को दिखवाया जाएगा।
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