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यमदूत बनकर दौड़ रही रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां

Sun, 03 Jun 2018 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 03 Jun 2018 11:46 PM IST
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Tractor tram full of sand running as a Yamdoot
मोहल्ला काजीपाड़ा में हादसे के बाद ट्रैक्टर में तोड़फोड़ करती भीड़। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में हादसे के बाद लगाए जाम के दौरान लोग पुलिस पर अवैध खनन में लगे वाहनों से वसूली करने और रेत का भंडारण कर रहे शाहिद को पुलिस की शह होने का आरोप लगा रहे थे। भीड़ ने दोनों सगे भाई दोनों बच्चों के शव नहीं उठाने दिए। इस दौरान नाजिम एक बुर्कानशी महिला के साथ भीड़ के बीच में समझौता कराने पहुंच गया। भीड़ दोनों पर टूट गई और दोनों की जमकर पिटाई की। मौके पर अफरा तफरी मच गई। शहर कोतवाल बिजेंद्र पाल राणा ने दोनों की जान बचाई। भीड़ नेेे ट्रैक्टर-ट्राली को क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में पुलिस ट्रैक्टर ट्राली को जेसीबी उठाकर थाने ले गई।             
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मोहल्ले के लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर ट्राली का मालिक शाहिद अंसारी है, जिसकी हयातनगर में लकड़ी की टाल है। टाल पर ही अवैध खनन का कारोबार होता था। पुलिस की मिली भगत से अवैध खनन का कारोबार चल रहा था। शाहिद की टाल में इकट्ठे रेत बजरी को शाहिद ट्रैक्टर ट्राली से खरीदारों के ठिकानों पर पहुंचाता है। बेगावाला क्षेत्र का एक युवक इस काम को करता था। सुबह पांच से पुलिस की गाड़ी अवैध खनन करने वालों से उगाही करने के लिए निकल जाती थी। थाने की गाड़ी के चालक इस उगाही को करने में लगे हैं। लोगों की माने तो एक गाड़ी से दो हजार रुपये तक पुलिस लेती है। रोज बड़ी तादाद में खनन से भरी गाड़ी आ रही हैं। कोई भी गाड़ी पुलिस को पैसा दिए बिना नहीं निकलती। 
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जाम की सूचना पर एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसडीएम बृजेश कुमार सिंह व सीओ सिटी गजेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे। तीनों अफसरों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की पर भीड़ मृतकों के शव उठवाने को तैयार नहीं हुई। शव उठाने को लेकर पुलिस के साथ भीड़ की कई बार नोकझोंक भी हुई। दोपहर करीब 12 बजे भीड़ ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने व ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग के आश्वासन पर  दोनों शव उठने दिए और जाम भी खोल दिया। जाम खुलने के बाद भी एहतियातन मौके पर पुलिस और पीएसी मौजूद रही। ऋषिपाल के बड़े भाई कमल ने इस  मामले की शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इस दौरान तमाम भाजपा नेता भी मौजूद रहे। मोहल्लेवालों का कहना है कि ऋषिपाल की रीढ़ की हड्डी टूट गई है, वह बिजनौर के पुलकित अस्पताल में भर्ती है जबकि रेखा के सिर में गंभीर चोट है, जिसे मेरठ रेफर कर दिया गया है।            
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 परिजनों के साथ सब्जी की देखभाल करने जा रहा था             
बिजनौर। ऋषिपाल अपने तीन भाइयो में सबसे छोटा है। बड़े भाई विजय की मौत हो चुकी है। छोटा भाई कमल पुलिस में फालोवर है। ऋषिपाल मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। घर से आधा किलोमीटर की दूरी पर जंगल में ऋषिपाल की डेढ़ बीघा जमीन है। इस जमीन में उसने सब्जी की बुवाई कर रखी है। अक्सर वह परिजनों को साथ लेकर सुबह को सब्जी की देखभाल करने जाता। रविवार को भी वह अपने खेत पर जा रहा था। ऋषिपाल के चार पुत्री निशा, राखी, प्रियंका व पूजा के अलावा रजनीश व पंकज दो पुत्र थे।          
 दो माह पूर्व भी एक युवती की जान गई थी ट्रैक्टर ट्राली से     
बिजनौर। खनन से भरी ट्रैक्टर ट्राली तीन माह पूर्व भी एक युवती की ईदगाह रोड पर जान ले चुकी है। बाइक सवार  खेड़की निवासी युवती को एक ट्रैक्टर ट्राली ने कुचल दिया था। मृतक व ट्रैक्टर ट्राली मालिक में ंसमझौता हो गया।        
ऋषिपाल की बेटी अब मेरे परिवार की सदस्य : विधायक            
भाजपा विधायक सुचि चौधरी का कहना है कि वे लखनऊ में हैं। उनकी सहानुभूति ऋषिपाल सिंह के परिजनों के साथ है। शासन की ओर से परिवार को पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा करा दी गई है। कहा कि  ऋषिपाल सिंह की चार बेटियों की जिम्मेदारी अब हमारी हैं। पढ़ाई से लेकर शादी में हर तरह का सहयोग वे और उनके पति देंगे।            

  जजी चौक पर भी लगाया जाम             
 बिजनौर। पोस्टमार्टम के दौरान करीब तीन बजे उत्तेजित भीड़ ने जजी चौक पर फिर से जाम लगा दिया। पुलिस ने इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद करा दी । ये लोग मृतकों के  परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे। भाजपा नेताओं के मौके पर न आने पर उनके खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान एसडीएम व सीओ सिटी ने लोगों को कई बार समझाया पर वे नहीं माने। जाम के दौरान ऋषिपाल की एक पुत्री बेहोश हो गई। एसपी सिटी दिनेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहोश किशोरी को अन्य महिलाओं के साथ पुलिस की गाड़ी में बैठाकर  अस्पताल पहुंचाया। बाकी लोगंो को जाम खोलने के राजी किया तब एक घंटे बाद जाम खोला गया।
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