{"_id":"58e290a84f1c1bf0125b4380","slug":"report-of-the-case-of-irfans-death-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"इरफान की मौत मामले में रिपोर्ट के आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इरफान की मौत मामले में रिपोर्ट के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीमा वर्मा ने थाना हल्दौर के गांव सुमालखेड़ी के पास संदिग्ध हालात में हुई इरफान की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश हल्दौर पुलिस को दिया है।
साथियों ने इरफान की मौत दुर्घटना में होने की बात कही थी, जबकि परिजन इसे हत्या बता रहे थे।
इरफान के भाई अफजल ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि पांच मार्च को जिला मुजफ्फरनगर के थाना भोपा के गांव मोरना निवासी इंतजार, शाहरुख, रिजवान, गुलजार अहमद नोनू तथा उनके दो साथी तड़के खाना बनाने के लिए कस्बा चांदपुर के गांव नौगांवा ले गए थे। पांच मार्च को सुबह फोन आया कि इरफान की गांव सुमालखेड़ी के सामने नूरपुर रोड पर मौत हो गई है।
मोरना का ग्राम प्रधान शहजाद, उसके भाई इमरान व उसके साथ आए लोगों को अपनी गाड़ी से थाना हल्दौर ले गया। उन्होंने उससे एक कागज पर दस्तखत करा लिए। बाद में पता चला कि कागज में इरफान की मौत दुर्घटना में होने और पोस्टमार्टम न कराने की बात कही गई थी। वे इरफान की लाश को घर ले गए तो उसके सिर में चोट थी। शर्ट के बटन टूटे थे व कपड़े फटे थे। इसी से उन्हें हत्या शक हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
साथियों ने इरफान की मौत दुर्घटना में होने की बात कही थी, जबकि परिजन इसे हत्या बता रहे थे।
इरफान के भाई अफजल ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि पांच मार्च को जिला मुजफ्फरनगर के थाना भोपा के गांव मोरना निवासी इंतजार, शाहरुख, रिजवान, गुलजार अहमद नोनू तथा उनके दो साथी तड़के खाना बनाने के लिए कस्बा चांदपुर के गांव नौगांवा ले गए थे। पांच मार्च को सुबह फोन आया कि इरफान की गांव सुमालखेड़ी के सामने नूरपुर रोड पर मौत हो गई है।
विज्ञापन
मोरना का ग्राम प्रधान शहजाद, उसके भाई इमरान व उसके साथ आए लोगों को अपनी गाड़ी से थाना हल्दौर ले गया। उन्होंने उससे एक कागज पर दस्तखत करा लिए। बाद में पता चला कि कागज में इरफान की मौत दुर्घटना में होने और पोस्टमार्टम न कराने की बात कही गई थी। वे इरफान की लाश को घर ले गए तो उसके सिर में चोट थी। शर्ट के बटन टूटे थे व कपड़े फटे थे। इसी से उन्हें हत्या शक हुआ।
विज्ञापन