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मौलाना की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:28 AM IST
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जामा मस्जिद के पास से गाड़ी उठाने गई पुलिस को रोकते मुस्लिम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में मौलाना अनवारूल हक की तलाश में पुलिस ने शुक्रवार रात में कई जगहों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। हालांकि पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। शनिवार को बिजनौर की मोहल्ला चाहशीरी की जामा मस्जिद पर पुलिस ने छापा मारा। मौलाना की कार क्रेन से उठाकर लाने की कोशिश की, तो लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। लोगों ने कार नहीं लाने दी। लोगों ने कहा कि कार मौलाना की नहीं मस्जिद की है। इसके बाद मस्जिद में मुस्लिमों की बैठक हुई। बैठक में इस मामले में निर्णय लेने के लिए 20 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
महिला के साथ दुष्कर्म के आरोपी मौलाना अनवारूल हक को दबोचने के लिए पुलिस ने हर तरफ से जाल बिछा दिया है। पुलिस की टीम मौलाना के ठिकानों पर दबिश दे रही है। शुक्रवार रात पुलिस ने मोहल्ला चाहशीरी समेत मौलाना के कई ठिकानों पर दबिश दी। मौलाना हाथ नहीं लगे। शनिवार को दिन में करीब एक बजे एसपी सिटी एमएम बेग की अगुवाई में पुलिस ने मोहल्ला चाहशीरी स्थित जामा मस्जिद पर छापा मारा। पुलिस ने मस्जिद के बाहर खड़ी मौलाना की काले रंग की कार को क्रेन से खींचकर लाने की कोशिश की, तो मुस्लिमों की भीड़ इकट्ठा गई। उन्होंने कार ले जाने का विरोध किया। काफी देर पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। इस बात को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि कार मौलाना अनवारूल हक की नहीं, बल्कि मस्जिद की है। इस पर पुलिस अफसरों ने कार के कागजात दिखाने को कहा, तो ये लोग राजी हो गए। शाम को इन लोगों ने कार के कागज दिखाने की अफसरों से हामी भरी। पुलिस ने कई लोगों के इस मामले में हस्ताक्षर करा लिए। पुलिस क्रेन समेत वहां से लौट आई। पुलिस के वापस आते ही मस्जिद के बाहर मौजूद सभी लोगों को मस्जिद में होने वाली बैठक में शामिल होने को कहा गया। सभी लोग मस्जिद में पहुंच गए। बैठक में तय किया गया कि कोई आंदोलन नहीं करेगा। कारी हन्नान की अगुवाई में 20 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दी गई है। सभी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। मौलाना अनवारूल हक के मामले में जो भी निर्णय लेगी, यह कमेटी लेगी।
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महिला के साथ दुष्कर्म के आरोपी मौलाना अनवारूल हक को दबोचने के लिए पुलिस ने हर तरफ से जाल बिछा दिया है। पुलिस की टीम मौलाना के ठिकानों पर दबिश दे रही है। शुक्रवार रात पुलिस ने मोहल्ला चाहशीरी समेत मौलाना के कई ठिकानों पर दबिश दी। मौलाना हाथ नहीं लगे। शनिवार को दिन में करीब एक बजे एसपी सिटी एमएम बेग की अगुवाई में पुलिस ने मोहल्ला चाहशीरी स्थित जामा मस्जिद पर छापा मारा। पुलिस ने मस्जिद के बाहर खड़ी मौलाना की काले रंग की कार को क्रेन से खींचकर लाने की कोशिश की, तो मुस्लिमों की भीड़ इकट्ठा गई। उन्होंने कार ले जाने का विरोध किया। काफी देर पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। इस बात को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि कार मौलाना अनवारूल हक की नहीं, बल्कि मस्जिद की है। इस पर पुलिस अफसरों ने कार के कागजात दिखाने को कहा, तो ये लोग राजी हो गए। शाम को इन लोगों ने कार के कागज दिखाने की अफसरों से हामी भरी। पुलिस ने कई लोगों के इस मामले में हस्ताक्षर करा लिए। पुलिस क्रेन समेत वहां से लौट आई। पुलिस के वापस आते ही मस्जिद के बाहर मौजूद सभी लोगों को मस्जिद में होने वाली बैठक में शामिल होने को कहा गया। सभी लोग मस्जिद में पहुंच गए। बैठक में तय किया गया कि कोई आंदोलन नहीं करेगा। कारी हन्नान की अगुवाई में 20 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दी गई है। सभी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। मौलाना अनवारूल हक के मामले में जो भी निर्णय लेगी, यह कमेटी लेगी।
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