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मासूम के हत्यारे को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 08 Jun 2017 11:58 PM IST
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बिजनौर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने 12 साल के मासूम की हत्या में आरोपी युवक फुरकान को आजीवन कारावास व 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना हल्दौर के गांव भवानीपुर निवासी हनीफ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 12 वर्षीय लड़का मोहम्मद माज आठ जून 2013 की शाम करीब चार बजे घर से खेतों की तरफ घूमने गया था। जब रात तक घर नहीं लौटा तो उन्होंने तलाश किया, लेकिन वो नहीं मिला। अगले दिन सुबह करीब सात बजे जब लड़के को अपने भाइयों के साथ ढूंढने खेतों की तरफ आए तो उसे जहीरूद्दीन के गन्ने के खेत में मोहम्मद माज की लाश मिली। माज के शरीर पर खरोंच के निशान थे।
शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद गांव के ही फुरकान के खिलाफ मोहम्मद माज की हत्या करने के आरोप में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में कोर्ट में दिए अपने बयान में लड़के के पिता हनीफ की ओर से कहा गया कि उसके गांव के कुछ लोगों ने फुरकान को माज को गन्ने के खेत में ले जाते हुए देखा था। उसे इस बात की जानकारी हुई थी कि फुरकान ने माज के साथ कुकर्म की कोशिश की थी और विरोध करने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। कोर्ट ने इस मामले में फुरकान को मोहम्मद माज की हत्या करने व साक्ष्य को नष्ट करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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थाना हल्दौर के गांव भवानीपुर निवासी हनीफ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 12 वर्षीय लड़का मोहम्मद माज आठ जून 2013 की शाम करीब चार बजे घर से खेतों की तरफ घूमने गया था। जब रात तक घर नहीं लौटा तो उन्होंने तलाश किया, लेकिन वो नहीं मिला। अगले दिन सुबह करीब सात बजे जब लड़के को अपने भाइयों के साथ ढूंढने खेतों की तरफ आए तो उसे जहीरूद्दीन के गन्ने के खेत में मोहम्मद माज की लाश मिली। माज के शरीर पर खरोंच के निशान थे।
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शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद गांव के ही फुरकान के खिलाफ मोहम्मद माज की हत्या करने के आरोप में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में कोर्ट में दिए अपने बयान में लड़के के पिता हनीफ की ओर से कहा गया कि उसके गांव के कुछ लोगों ने फुरकान को माज को गन्ने के खेत में ले जाते हुए देखा था। उसे इस बात की जानकारी हुई थी कि फुरकान ने माज के साथ कुकर्म की कोशिश की थी और विरोध करने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। कोर्ट ने इस मामले में फुरकान को मोहम्मद माज की हत्या करने व साक्ष्य को नष्ट करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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