{"_id":"5931b7a34f1c1b2a54bdb44f","slug":"gram-panchayat-officer-dismissed-in-scam","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोटाले में ग्राम पंचायत अधिकारी बर्खास्त","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घोटाले में ग्राम पंचायत अधिकारी बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jun 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में मौहम्मदपुर देवमल ब्लाक की ग्राम पंचायत खलीलुल्लापुर के ग्राम पंचायत अधिकारी अमित कुमार को शौचालय निर्माण तथा विकास कार्यों में लाखों रुपये के घोटाले के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान पहले ही जेल जा चुका है।
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार, पिछले पंचायत कार्यकाल में ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण एवं विकास कार्यों में करीब 32 लाख की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। मामले की जिला स्तरीय टीम द्वारा जांच कराई गई थी। टीम ने जांच रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि की थी।
उसने लाखों के घोटाले के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदार ठहराया था। मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई।इस पर पुलिस ने तत्कालीन ग्राम प्रधान को जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत अधिकारी अमित कुमार गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट से स्टे ले आया था। विभाग ने अमित कुमार को निलंबित करके जांच समिति गठित कर दी थी। जांच प्रक्रिया पूरा होने में करीब एक साल लगा। आरोपी अमित कुमार को पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया। विभाग ने जांच समिति की रिपोर्ट के बाद उसे बर्खास्त कर दिया है।
विज्ञापन
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार, पिछले पंचायत कार्यकाल में ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण एवं विकास कार्यों में करीब 32 लाख की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। मामले की जिला स्तरीय टीम द्वारा जांच कराई गई थी। टीम ने जांच रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि की थी।
विज्ञापन
उसने लाखों के घोटाले के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदार ठहराया था। मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई।इस पर पुलिस ने तत्कालीन ग्राम प्रधान को जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत अधिकारी अमित कुमार गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट से स्टे ले आया था। विभाग ने अमित कुमार को निलंबित करके जांच समिति गठित कर दी थी। जांच प्रक्रिया पूरा होने में करीब एक साल लगा। आरोपी अमित कुमार को पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया। विभाग ने जांच समिति की रिपोर्ट के बाद उसे बर्खास्त कर दिया है।