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घोटाले में शामिल लोगों पर शिकंजा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:55 AM IST
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बिजनौर मेंं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीएमओ कार्यालय में सन्नाटा पसर गया है। घोटाले में शामिल अन्य लोगों के नामों की चर्चा से लोगों में भय व्याप्त हो गया है। इस मामले में एप्रुवल पर पूर्व सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल व पूर्व एसीएमओ (एनएचएम) डॉ. पीआर नायर हस्ताक्षर किए गए थे।
एनएचएम में हुई करीब तीन करोड़ दस लाख के घोटाले में शुक्रवार को पुलिस ने एकाउंट मैनेजर पंकज कुमार व वरिष्ठ लिपिक कैलाश ठाकुर को पकड़ा। दोनों ने पुलिस को पूछताछ में विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारियों के नाम भी बताए हैं। इसके चलते सीएमओ कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के नाम आने के कारण भय व्याप्त है। सीएमओ कार्यालय में शनिवार को पूरे दिन घोटाले व दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की चर्चा में कर्मचारी मशगूल रहे। इस मामले में चार कंपनियों को बिना कोई सामान खरीदे तीन करोड़ दस लाख का भुगतान किया गया। इस मामले में लखनऊ व मुरादाबाद की टीमों ने भी मामले से जुड़े खाते व कागजात खंगाले थे। वहीं, पूर्व सीएमओ व एसीएमओ ने एप्रुवल पर अपने फर्जी हस्ताक्षर होने बताए थे।
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एनएचएम में हुई करीब तीन करोड़ दस लाख के घोटाले में शुक्रवार को पुलिस ने एकाउंट मैनेजर पंकज कुमार व वरिष्ठ लिपिक कैलाश ठाकुर को पकड़ा। दोनों ने पुलिस को पूछताछ में विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारियों के नाम भी बताए हैं। इसके चलते सीएमओ कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के नाम आने के कारण भय व्याप्त है। सीएमओ कार्यालय में शनिवार को पूरे दिन घोटाले व दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की चर्चा में कर्मचारी मशगूल रहे। इस मामले में चार कंपनियों को बिना कोई सामान खरीदे तीन करोड़ दस लाख का भुगतान किया गया। इस मामले में लखनऊ व मुरादाबाद की टीमों ने भी मामले से जुड़े खाते व कागजात खंगाले थे। वहीं, पूर्व सीएमओ व एसीएमओ ने एप्रुवल पर अपने फर्जी हस्ताक्षर होने बताए थे।
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