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सीएमओ ने बैंक प्रबंधक से मांगी खातों की डिटेल
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:46 AM IST
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बिजनौर में एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये के घोटाले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में सीएमओ ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक को पत्र जारी कर खातों की डिटेल मांगी गई है।
एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करीब तीन करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था। इस मामले में सीएमओ डा.सुखबीर सिंह ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक को पत्र भेजा है। पत्र में शाखा प्रबंधक से जवाब मांगा गया है कि उनके द्वारा फर्जी हस्ताक्षर पर करोड़ों की रकम कैसे ट्रांजक्शन की गई और शाखा प्रबंधक से खातों की डिटेल मांगी गई है। इससे पहले इस मामले में बृहस्पतिवार घोटाले का सबूत मिटाने के लिए एनआरएचएम कार्यालय से एफएमआर (फाइनेंशियल मंथली रिकॉर्ड बुक) बुक गायब थी, वह बुक शुक्रवार को कार्यालय से बरामद की गई है। मामले में बिना किसी बिल वाउचर और चैक इश्यू रजिस्टर में एंट्री किए बिना अन्य जिलों की चार फर्मों को करीब तीन करोड़ का भुगतान किया जून और जुलाई में किया गया था। इनके अप्रुवल पर पूर्व सीएमओ व एसीएमओ के हस्ताक्षर से हुआ। एसबीआई की मुख्य शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश के अनुसार उक्त खाते में जमा धनराशि का ऑन लाइन ट्रांजक्शन किया गया है।
इसकी डिटेल विभाग को दी गई हैं। डा. सुखबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसबीआई शाखा प्रबंधक को एक पत्र भेजा गया है, पत्र के द्वारा शाखा प्रबंधक से मामले के संबंध में जानकारी मांगी गई है।
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एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करीब तीन करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था। इस मामले में सीएमओ डा.सुखबीर सिंह ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक को पत्र भेजा है। पत्र में शाखा प्रबंधक से जवाब मांगा गया है कि उनके द्वारा फर्जी हस्ताक्षर पर करोड़ों की रकम कैसे ट्रांजक्शन की गई और शाखा प्रबंधक से खातों की डिटेल मांगी गई है। इससे पहले इस मामले में बृहस्पतिवार घोटाले का सबूत मिटाने के लिए एनआरएचएम कार्यालय से एफएमआर (फाइनेंशियल मंथली रिकॉर्ड बुक) बुक गायब थी, वह बुक शुक्रवार को कार्यालय से बरामद की गई है। मामले में बिना किसी बिल वाउचर और चैक इश्यू रजिस्टर में एंट्री किए बिना अन्य जिलों की चार फर्मों को करीब तीन करोड़ का भुगतान किया जून और जुलाई में किया गया था। इनके अप्रुवल पर पूर्व सीएमओ व एसीएमओ के हस्ताक्षर से हुआ। एसबीआई की मुख्य शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश के अनुसार उक्त खाते में जमा धनराशि का ऑन लाइन ट्रांजक्शन किया गया है।
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इसकी डिटेल विभाग को दी गई हैं। डा. सुखबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसबीआई शाखा प्रबंधक को एक पत्र भेजा गया है, पत्र के द्वारा शाखा प्रबंधक से मामले के संबंध में जानकारी मांगी गई है।
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