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दो हफ्तों में 24 कीमती पेड़ों पर चल चुकी है आरी
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:18 AM IST
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माफिया ने खैर के कई पेड़ काटे
नजीबाबाद/बड़िया। कौड़िया वन रेंज में लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। दो सप्ताह के भीतर कौड़िया वन रेंज से 24 खैर के कीमती पेड़ रातोंरात लकड़ी माफिया काटकर ले गए। जिस स्थान से पेड़ काटे गए, उस स्थान से कौड़िया वन रेंज चौकी काफी नजदीक है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद में लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। रविवार रात कौड़िया वन रेंज की चौकी से मात्र 100 से 150 मीटर के फासले पर बेखौफ लकड़ी माफियाओं ने 24 कीमती खैर के पेड़ काट लिए। सोमवार को रेलवे लाइन के निकट कौड़िया रेंज के कंपार्ट संख्या चार में खैर के पेड़ काटने की सूचना मिलते ही डीएफओ उदयवीर सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। दो सप्ताह पहले घटनास्थल से थाना फासले पर जाफराबाद क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं ने खैर, रोहिणी और सागौन के 14 पेड़ काटे थे। वन विभाग अभी इन पेड़ों के काटने वाले लकड़ी माफियाओं तक पहुंचने में नाकाम था कि एक और बड़ी घटना में लाखों रुपये कीमत के खैर के पेड़ काट लिए गए। डीएफओ उदयवीर सिंह ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि बिजनौर वन प्रभाग के 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 40 वनकर्मी तैनात हैं। इसके बावजूद चुनौतीपूर्ण गश्त को प्रभावी बनाया जा रहा है।
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नजीबाबाद/बड़िया। कौड़िया वन रेंज में लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। दो सप्ताह के भीतर कौड़िया वन रेंज से 24 खैर के कीमती पेड़ रातोंरात लकड़ी माफिया काटकर ले गए। जिस स्थान से पेड़ काटे गए, उस स्थान से कौड़िया वन रेंज चौकी काफी नजदीक है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद में लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। रविवार रात कौड़िया वन रेंज की चौकी से मात्र 100 से 150 मीटर के फासले पर बेखौफ लकड़ी माफियाओं ने 24 कीमती खैर के पेड़ काट लिए। सोमवार को रेलवे लाइन के निकट कौड़िया रेंज के कंपार्ट संख्या चार में खैर के पेड़ काटने की सूचना मिलते ही डीएफओ उदयवीर सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। दो सप्ताह पहले घटनास्थल से थाना फासले पर जाफराबाद क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं ने खैर, रोहिणी और सागौन के 14 पेड़ काटे थे। वन विभाग अभी इन पेड़ों के काटने वाले लकड़ी माफियाओं तक पहुंचने में नाकाम था कि एक और बड़ी घटना में लाखों रुपये कीमत के खैर के पेड़ काट लिए गए। डीएफओ उदयवीर सिंह ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि बिजनौर वन प्रभाग के 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 40 वनकर्मी तैनात हैं। इसके बावजूद चुनौतीपूर्ण गश्त को प्रभावी बनाया जा रहा है।
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