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जेल में छापा नहीं लगता तो जेल से हो जाता रंगदारी मांगने का खेल शुरू

Thu, 18 Jan 2018 11:57 PM IST
Updated Thu, 18 Jan 2018 11:57 PM IST
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जेल में छापा नहीं लगता तो जेल से हो जाता रंगदारी मांगने का खेल शुरू
बिजनौर।
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अफसरों की टीम अगर आधी रात में जेल में छापा नहीं मारती तो जेल से रंगदारी का खेल शुरू हो जाता। जेल मेें आदित्य समेत कई नामचीन बदमाश बंद हैं। जेल के अफसरों की शह पर कई बदमाश जेल में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे। जेल अफसरों की करतूतों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
एसपी प्रभाकर चौधरी के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने सोमवार रात जेल में छापा मारकर दो मोबाइल बरामद किए थे। जेल में छापा मारने से पहले मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर पता किया गया था कि जेल मेें मोबाइल फोन चल रहे हैं या नहीं। जेल में मिले इन मोबाइल फोनों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इनसे किन-किन लोगों से किस मकसद के लिए बात की गई। अधिकारियों को काफी दिनों से जेल में मोबाइल चलने की शिकायत मिल रही थी। उनका दावा है कि प्रशासन की टीम अगर जेल में छापा नहीं मारती तो जेल से रंगदारी मंगाने का खेल भी शुरू हो सकता था। इस बात की पुख्ता जानकारी अफसरों को मिलने लगी थी। जेल में कई नामचीन बदमाश बंद हैं। पैसे के बल पर छोटे से लेकर बड़ा बंदी तक जेल में मोबाइल का इस्तेमाल करने लगा था।
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सूत्रों की माने तो एक बंदी ने तो जेल में जाने के दूसरे दिन से ही मोबाइल चलाना शुरू कर दिया था। जेल में अफसरों की करतूतों की रिपोर्ट जिले के आला अफसरों ने शासन को भेज दी है। रिपोर्ट में इन सब बातों का विस्तार से खुलासा किया गया है। उधर, जेल की करतूतों से पर्दा हटने पर जेल अफसरों के तोते उड़े हुए हैं। अफसरों की समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें। एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक जेल की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
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इन बदमाशों पर था मोबाइल फोन चलाने का अंदेशा
जिला जेल में कई नामचीन बदमाश बंद हैं। एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य, उसका साथी रोहित, विशाल जेल में बंद हैं। अफसरों को सूचना मिली थी इन बदमाशों के मोबाइल भी जेल से चलने वाले हैं। इनके मोबाइल चलने का मतलब है कि रंगदारी मांगी जाती, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। इसके अलावा जेल में विशाल, मऊ जेल से आए विनोद उर्फ लालू, बलिया से अरुण चौबे, मथुरा से दीपक मीणा, सुल्तानपुर से राजू जामवंत, सचिन पांडेय, जितेंद्र मुन्ना, इंद्रजीत, मुरादाबाद से बिट्टू देवल उर्फ केशव, अनीसा, मुजफ्फरनगर से अक्षय, फिरोजाबाद से विजय उर्फ विजया बंद है। ये सब शातिर अपराधी हैं।


मोबाइल चलने की महिला ने की थी शिकायत
एक महिला ने भी पिछले दिनों अफसरों से जेल में खुलेआम मोबाइल चलने की शिकायत की थी। महिला का कोई रिश्तेदार जेल में बंद था। महिला अक्सर रिश्तेदार से मिलने जाती थी। महिला ने कई बार जेल में मोबाइल चलता पाया। कहा कि उसके रिश्तेदार से भी मोबाइल चलाने के लिए रुपये मांग जा रहे हैं, लेकिन वह रुपये नहीं दे सकती है। जो रुपये दे रहे हैं उनके मोबाइल चल रहे हैं।
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