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मोमबती से लगी आग में किशोर की जिंदा जलकर मौत
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:06 AM IST
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नौगांवा सादात (अमरोहा)। शनिवार रात बिजली न होने पर उजाले के लिए जलाई गई मोमबत्ती से कमरे में लगी आग में जलकर 17 वर्षीय समीर की मौत हो गई। समीर कमरे के अंदर अकेला ही सो रहा था, जबकि उसके परिवार वाले पैतृक गांव गए थे। कमरे में लगी आग की जानकारी पाकर आसपास के लोग आए और पानी डालकर आग को बुझाया। किशोर की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
नौगांवा सादात थाना क्षेत्र केे गांव धनौरी मीर निवासी नफीस अहमद लुधियाना (पंजाब) में रहकर मजदूरी करता है। नफीस की ससुराल बीलना गांव में हैं। कुछ दिनों पहले नफीस ने बीलना में घर बनाने के लिए जमीन खरीदी थी। जिस पर मकान बनाया जा रहा ह्रै।
बताया जा रहा है कि अपना मकान बनने तक नफीस अपने रिश्तेदार अलाउद्दीन के मकान में शिफ्ट हो गए थे। नफीस की दो लड़कियां तरन्नुम और मेहरुन निशा का रिश्ता तय हो गया था। लिहाजा सभी लोग अपने पैतृक गांव धनौरी मीर चले गए थे।
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सत्रह वर्षीय बेटा समीर क्षेत्र के ही एक कारखाने में जैकेट बनाने का काम सीख रहा था। इसलिए वह गांव नहीं गया था। रात को काम से लौटकर वह बीलना स्थित घर पहुंचा। बिजली नहीं होने के कारण समीर कमरे में मोमबत्ती जलाकर सो गया। रात में मोमबत्ती से कमरे में आग लग गई। पड़ोसियों ने घर से आग की लपटे उठती देखीं तो हड़कंप मच गया। ग्रामीण एकत्र होकर घर पहुंचे जहां कोई नहीं था। कमरा भी अंदर से बंद था।
लोगों ने कमरा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। लोग दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हो गए। जहां समीर मृत अवस्था में पड़ा था। उसका पूरा शरीर जल गया था। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन चीखते चिल्लाते हुए मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के सुपुर्दे खाक कर दिया गया है। समीर के परिवार के कोहराम मचा हुआ है।
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नौगांवा सादात थाना क्षेत्र केे गांव धनौरी मीर निवासी नफीस अहमद लुधियाना (पंजाब) में रहकर मजदूरी करता है। नफीस की ससुराल बीलना गांव में हैं। कुछ दिनों पहले नफीस ने बीलना में घर बनाने के लिए जमीन खरीदी थी। जिस पर मकान बनाया जा रहा ह्रै।
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बताया जा रहा है कि अपना मकान बनने तक नफीस अपने रिश्तेदार अलाउद्दीन के मकान में शिफ्ट हो गए थे। नफीस की दो लड़कियां तरन्नुम और मेहरुन निशा का रिश्ता तय हो गया था। लिहाजा सभी लोग अपने पैतृक गांव धनौरी मीर चले गए थे।
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सत्रह वर्षीय बेटा समीर क्षेत्र के ही एक कारखाने में जैकेट बनाने का काम सीख रहा था। इसलिए वह गांव नहीं गया था। रात को काम से लौटकर वह बीलना स्थित घर पहुंचा। बिजली नहीं होने के कारण समीर कमरे में मोमबत्ती जलाकर सो गया। रात में मोमबत्ती से कमरे में आग लग गई। पड़ोसियों ने घर से आग की लपटे उठती देखीं तो हड़कंप मच गया। ग्रामीण एकत्र होकर घर पहुंचे जहां कोई नहीं था। कमरा भी अंदर से बंद था।
लोगों ने कमरा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। लोग दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हो गए। जहां समीर मृत अवस्था में पड़ा था। उसका पूरा शरीर जल गया था। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन चीखते चिल्लाते हुए मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के सुपुर्दे खाक कर दिया गया है। समीर के परिवार के कोहराम मचा हुआ है।