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सीएमओ कार्यालय पहुंचने पर चला ठगी का शिकार होने का पता
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:38 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग में भर्ती कराने के नाम लाखों की ठगी
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने दर्जनों युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए। सीएमओ कार्यालय पहुंचे युवाओं ने इस नौकरी के बारे में जाना तो पता चला कि संबंधित भर्ती का विभाग से कोई विज्ञापन ही जारी नहीं हुआ।
मंगलवार को एक दर्जन से भी अधिक युवा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। ठगी का शिकार हुए आशीष राजपूत, लोकेश कुमार, योगेश कुमार, तेजपाल सिंह, रजत कुमार, नरेंद्र कुमार, रोहित कुमार, सरजीत, पंकज कुमार, कल्लू सिंह आदि का कहना था कि अक्तूबर 2017 मेें एक व्यक्ति उनसे मिला और स्वयं को स्वास्थ्य कर्मचारी बताया और स्वास्थ्य विभाग में दस हजार रुपये की सैलरी पर संविदाकर्मी के रूप में नौकरी दिलाने को कहा। उन्हें काम बताया कि गांव-गांव घूमकर लोगों के ब्लड सैंपल एकत्रित कर ब्लड बैंक में लाकर देने हैं। इसके लिए बाकायदा उन्हें ट्रेनिंग कराई जाती रही। मंगलवार को बिजनौर के गीता इंटर कॉलेज में उनका पेपर कराया गया। इसे लेकर वे सीएमओ से मिले तो पता चला कि इस भर्ती का तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई विज्ञापन ही जारी नहीं किया गया। सीएमओ कार्यालय पहुंचने पर उन्हें ठगी होने का पता चला। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने बताया कि मामला फर्जी है। इस तरह की स्वास्थ्य विभाग में कोई जगह नहीं निकली। सीएमओ ने युवाओं को सलाह दी कि नौकरी के लिए किसी को भी पैसा न दें।
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बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने दर्जनों युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए। सीएमओ कार्यालय पहुंचे युवाओं ने इस नौकरी के बारे में जाना तो पता चला कि संबंधित भर्ती का विभाग से कोई विज्ञापन ही जारी नहीं हुआ।
मंगलवार को एक दर्जन से भी अधिक युवा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। ठगी का शिकार हुए आशीष राजपूत, लोकेश कुमार, योगेश कुमार, तेजपाल सिंह, रजत कुमार, नरेंद्र कुमार, रोहित कुमार, सरजीत, पंकज कुमार, कल्लू सिंह आदि का कहना था कि अक्तूबर 2017 मेें एक व्यक्ति उनसे मिला और स्वयं को स्वास्थ्य कर्मचारी बताया और स्वास्थ्य विभाग में दस हजार रुपये की सैलरी पर संविदाकर्मी के रूप में नौकरी दिलाने को कहा। उन्हें काम बताया कि गांव-गांव घूमकर लोगों के ब्लड सैंपल एकत्रित कर ब्लड बैंक में लाकर देने हैं। इसके लिए बाकायदा उन्हें ट्रेनिंग कराई जाती रही। मंगलवार को बिजनौर के गीता इंटर कॉलेज में उनका पेपर कराया गया। इसे लेकर वे सीएमओ से मिले तो पता चला कि इस भर्ती का तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई विज्ञापन ही जारी नहीं किया गया। सीएमओ कार्यालय पहुंचने पर उन्हें ठगी होने का पता चला। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने बताया कि मामला फर्जी है। इस तरह की स्वास्थ्य विभाग में कोई जगह नहीं निकली। सीएमओ ने युवाओं को सलाह दी कि नौकरी के लिए किसी को भी पैसा न दें।
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