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बांगलादेशी महिला की जमानत याचिका निरस्त

Tue, 18 Dec 2018 12:42 AM IST
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:42 AM IST
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बांगलादेशी महिला की जमानत याचिका निरस्त
बांग्लादेशी महिला की जमानत याचिका निरस्त
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बिजनौर। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय 20 वर्ष से अवैध रूप से भारत में रह रही बांग्लादेशी महिला शोभा की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
धामपुर थाने के एसआई मनोज कुमार को छह अगस्त को गस्त के दौरान सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी महिला शोभा पत्नी बालस्वरूप अवैध रूप से धामपुर में रह रही है। इस सूचना पर पुलिस उसके घर पहुंची तो महिला ने बताया कि उसका नाम शोभा है और वह बंाग्लादेश की रहने वाली है। पुलिस को जांच में उसके पास से आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशनकार्ड आदि बरामद हुए थे। शोभा ने पुलिस को बताया कि करीब 20 साल पहले वह बंाग्लादेश से आई थी और उसने धामपुर निवासी बालस्वरूप सैनी से शादी कर ली थी। उसके एक 19 साल की लड़की भी है। उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है, जो विचाराधीन है। शोभा ने बताया था कि उसके अभिभावक अब भी बांग्लादेश में रहते हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी से कागजात बनवाकर अवैध रूप से भारत में रह रही महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस को जांच में ये भी पता चला कि वह असगर अली की पुत्री फौजिका है और बांग्लादेश के जिला जैसोर की रहने वाली है। उसने भारत में आकर अपना बदलकर शोभा रख लिया था। अदालत ने अवैध रूप से भारत में रह रही इस बांग्लादेशी महिला की जमानत याचिका निरस्त कर दी।

न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
बिजनौर। जिला बार एसोसिएशन की एस.के बबली की अध्यक्षता एवं महासचिव नवदीप कुमार के संचालन में हुई शोकसभा में अधिवक्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल के पुत्र सुमित अग्रवाल के निधन पर शोक जताया गया। शोकाकुल वकील लंच के बाद न्यायिक कार्यों से विरत रहे।
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