{"_id":"5b8c30e642c79246353bc8bd","slug":"181535914214-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मारपीट के एक मामले में एक दरोगा और सिपाही सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश थाना किरतपुर पुलिस को दिए हैं।
किरतपुर थाने के गांव पाड़ली निवासी शौकीन शाह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि वह गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ा था और दूसरे नंबर पर रहा था। जयपाल का भाई प्रधान बना था। आरोपी पक्ष उससे रंजिश रखते हैं। उन्होंने उसे प्रताड़ित करने के उद्देश्य से एसआई सतेंद्र कुमार को अपने साथ मिला लिया। 20 दिसंबर 2017 को वह अपने भाई शमशाद की आरा मशीन पर था। शाम चार बजे सिपाही पंकज कुमार उसे मौजा इस्लामपुर क्षेत्र में ले गया। वहां एसआई सतेंद्र कुमार, जयपाल व सत्यपाल पहले से मौजूद थे। उसके वहां पहुंचने पर एसआई सतेंद्र कुमार ने गालियां देते हुए लाठी डंडे से उससे मारपीट की। सीने पर लाठी लगने से उसकी पसली टूट गई और उसे खून की उल्टी भी आई। इस दौरान एसआई सतेंद्र कुमार ने सतीश नाम की नेम प्लेट लगा रखी थी। सरताज व घनश्याम ने उसे बचाया। एसआई सतेंद्र कुमार आइंदा मौका मिलने पर जान से मारने व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए चले गए। पुलिस ने उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
विज्ञापन
किरतपुर थाने के गांव पाड़ली निवासी शौकीन शाह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि वह गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ा था और दूसरे नंबर पर रहा था। जयपाल का भाई प्रधान बना था। आरोपी पक्ष उससे रंजिश रखते हैं। उन्होंने उसे प्रताड़ित करने के उद्देश्य से एसआई सतेंद्र कुमार को अपने साथ मिला लिया। 20 दिसंबर 2017 को वह अपने भाई शमशाद की आरा मशीन पर था। शाम चार बजे सिपाही पंकज कुमार उसे मौजा इस्लामपुर क्षेत्र में ले गया। वहां एसआई सतेंद्र कुमार, जयपाल व सत्यपाल पहले से मौजूद थे। उसके वहां पहुंचने पर एसआई सतेंद्र कुमार ने गालियां देते हुए लाठी डंडे से उससे मारपीट की। सीने पर लाठी लगने से उसकी पसली टूट गई और उसे खून की उल्टी भी आई। इस दौरान एसआई सतेंद्र कुमार ने सतीश नाम की नेम प्लेट लगा रखी थी। सरताज व घनश्याम ने उसे बचाया। एसआई सतेंद्र कुमार आइंदा मौका मिलने पर जान से मारने व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए चले गए। पुलिस ने उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
विज्ञापन