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नहटौर के गांव करीमपुर निवासी थी महंत सतपाल
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नहटौर के गांव करीमपुर निवासी थी महंत सतपाल
नूरपुर। मंगलवार की रात गांव बाखराबाद खटाई में बाबा पीतांबर दास आश्रम में मारे गए महंत सतपाल महाराज की पहचान हो गई है। महंत मूल रूप से नहटौर के गांव करीमपुर के रहने वाले थे। करीब 35 साल पहले पत्नी की मृत्यु होने के बाद वह साधू बन गए थे। बुधवार को उनकी इच्छानुरूप ग्रामीणों द्वारा आश्रम पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मंगलवार की रात गांव बाखराबाद खटाई में कुंडा संपर्क मार्ग पर बने बाबा पीतांबर दास आश्रम पर रहने वाले महंत सतपाल महाराज की अज्ञात हमलावरों ने सोते समय सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। महंत सतपाल महाराज करीब डेढ़ माह पूर्व नजीबाबाद के प्रेमपुरी से इस आश्रम में आए थे। यहां भंडारे के आयोजन के बाद वह एक कमरे का निर्माण भी स्वयं के खर्च पर करा रहे थे। बुधवार को कमरे का लेंटर डाला जाना था, लेकिन इससे पहले ही उनकी हत्या कर दी गई। बुधवार को महंत के परिजनों और मूल आवास का पता भी नहीं लग पाया था। प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार के अनुसार महंत सतपाल महाराज की पहचान नहटौर के गांव करीमपुर निवासी के रूप में हुई है। 35 वर्ष पूर्व पत्नी के निधन के बाद वह साधू बन गए थे। तब से वह आश्रम आदि में ही अपना जीवन यापन करते थे।
प्रेमपुरी में भी उन्होंने एक कमरे का निर्माण कराया था। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार महंत लोगों को देसी दवाइयां आदि देने के साथ ही तंत्र क्रिया भी किया करते थे। ग्रामीणों के अनुसार उनकी अंतिम इच्छा थी कि वह जिस आश्रम में भी अंतिम सांस ले वहां उनका अंतिम संस्कार कर उनकी समाधि बना दी जाए। पोस्टमार्टम के बाद उनकी इच्छा का मान रखते हुए ग्रामीणों और साधुओं की टोली ने खटाई स्थित आश्रम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। एसएचओ विनय कुमार के अनुसार हत्याकांड को लेकर हर पहलू पर जांच की जा रही है। शीघ्र ही खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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नूरपुर। मंगलवार की रात गांव बाखराबाद खटाई में बाबा पीतांबर दास आश्रम में मारे गए महंत सतपाल महाराज की पहचान हो गई है। महंत मूल रूप से नहटौर के गांव करीमपुर के रहने वाले थे। करीब 35 साल पहले पत्नी की मृत्यु होने के बाद वह साधू बन गए थे। बुधवार को उनकी इच्छानुरूप ग्रामीणों द्वारा आश्रम पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मंगलवार की रात गांव बाखराबाद खटाई में कुंडा संपर्क मार्ग पर बने बाबा पीतांबर दास आश्रम पर रहने वाले महंत सतपाल महाराज की अज्ञात हमलावरों ने सोते समय सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। महंत सतपाल महाराज करीब डेढ़ माह पूर्व नजीबाबाद के प्रेमपुरी से इस आश्रम में आए थे। यहां भंडारे के आयोजन के बाद वह एक कमरे का निर्माण भी स्वयं के खर्च पर करा रहे थे। बुधवार को कमरे का लेंटर डाला जाना था, लेकिन इससे पहले ही उनकी हत्या कर दी गई। बुधवार को महंत के परिजनों और मूल आवास का पता भी नहीं लग पाया था। प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार के अनुसार महंत सतपाल महाराज की पहचान नहटौर के गांव करीमपुर निवासी के रूप में हुई है। 35 वर्ष पूर्व पत्नी के निधन के बाद वह साधू बन गए थे। तब से वह आश्रम आदि में ही अपना जीवन यापन करते थे।
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प्रेमपुरी में भी उन्होंने एक कमरे का निर्माण कराया था। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार महंत लोगों को देसी दवाइयां आदि देने के साथ ही तंत्र क्रिया भी किया करते थे। ग्रामीणों के अनुसार उनकी अंतिम इच्छा थी कि वह जिस आश्रम में भी अंतिम सांस ले वहां उनका अंतिम संस्कार कर उनकी समाधि बना दी जाए। पोस्टमार्टम के बाद उनकी इच्छा का मान रखते हुए ग्रामीणों और साधुओं की टोली ने खटाई स्थित आश्रम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। एसएचओ विनय कुमार के अनुसार हत्याकांड को लेकर हर पहलू पर जांच की जा रही है। शीघ्र ही खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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