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पूर्व प्रधान के बेटे और दामाद ने की थी करतार की हत्या
Updated Thu, 07 Jun 2018 01:43 AM IST
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अमरोहा। खेत के लिए रास्ता नहीं मिलने से नाराज पूर्व प्रधान केे बेटे और दामाद ने किसान करतार की गोली मार हत्या की थी। हत्यारोपी दबंगई के बल पर करतार से पट्टे की जमीन को खरीदना चाहते थे, लेकिन करतार इसका विरोध किया था। पंद्रहवें दिन पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाकर पूर्व प्रधान के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दूसरा आरोपी अभी भागा हुआ है।
अमरोहा देहात इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि पंद्रह दिन पहले गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर निवासी करतार सिंह के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने भी अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक गांव के ही पूर्व प्रधान लाल सिंह और करतार के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। पूर्व प्रधान के चालीस बीघा खेत के लिए कोई रास्ता नहीं था। जिसकी वजह से उसकी जमीन की कीमत कौड़ियों में थी। इसलिए पूर्व प्रधान के बेटा महेंद्र करतार की पट्टे की जमीन को जबरन खरीदकर रास्ता निकालना चाहता था। लेकिन करतार जमीन बेचने का विरोध करता था। इसी जमीन को लेकर सात साल पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद पूर्व प्रधान के बेटे महेंद्र ने करतार की हत्या की पटकथा लिख डाली और 22 मई की रात पपसरा निवासी बहनोई वीर सिंह के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर महेंद्र को जेल भेज दिया गया है।
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अमरोहा देहात इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि पंद्रह दिन पहले गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर निवासी करतार सिंह के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने भी अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक गांव के ही पूर्व प्रधान लाल सिंह और करतार के बीच जमीन का विवाद चल रहा था। पूर्व प्रधान के चालीस बीघा खेत के लिए कोई रास्ता नहीं था। जिसकी वजह से उसकी जमीन की कीमत कौड़ियों में थी। इसलिए पूर्व प्रधान के बेटा महेंद्र करतार की पट्टे की जमीन को जबरन खरीदकर रास्ता निकालना चाहता था। लेकिन करतार जमीन बेचने का विरोध करता था। इसी जमीन को लेकर सात साल पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद पूर्व प्रधान के बेटे महेंद्र ने करतार की हत्या की पटकथा लिख डाली और 22 मई की रात पपसरा निवासी बहनोई वीर सिंह के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर महेंद्र को जेल भेज दिया गया है।
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