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सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर कर महिला से ठगी
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:47 AM IST
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बिजनौर। सीएमओ कार्यालय में फर्जी नियुक्ति का मामला प्रकाश में आया है। एक महिला को केमिस्ट के पद पर नियुक्त दिखा कर पांच लाख रुपये ठग लिए गए। खास बात यह है कि नियुक्ति पत्र पर सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। अक्टूबर का वेतन भी महिला के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया था। शुक्रवार को वह ज्वाइन करने पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ।
शुक्रवार को अमरोहा निवासी नेहा सिंह अपने पति के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंची। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल के समक्ष नियुक्ति पत्र रखा। उसमें जिला क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत केमिस्ट पद पर 34 हजार रुपये के वेतन पर नियुक्त दर्शाया गया था। नियुक्ति पत्र देखकर सीएमओ अचंभित रह गए। उन्होंने बताया कि इस नाम का तो स्वास्थ्य विभाग में पद ही नहीं है तो नेहा परेशान हो उठी। इस पर नेहा ने सवाल उठाया कि यह नियुक्ति गलत कैसे हो सकती है। अक्तूबर माह का वेतन भी एडवांस में उसके खाते में डाल दिया गया है। उसने पांच लाख रुपये में संविदा पर नियुक्ति ली है। साथ ही बताया कि जिस व्यक्ति ने उससे रुपये लिए है, उसने कुछ दिन पूर्व आत्महत्या कर ली है। सीएमओ ने बताया कि किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। मामला दूसरे जिले का होने के कारण हस्ताक्षर पहचान में नहीं आए। ठगी करने वालों से सभी को सावधान रहने की जरूरत है। इस पर नेहा मायूस होकर लौट गई।
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शुक्रवार को अमरोहा निवासी नेहा सिंह अपने पति के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंची। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल के समक्ष नियुक्ति पत्र रखा। उसमें जिला क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत केमिस्ट पद पर 34 हजार रुपये के वेतन पर नियुक्त दर्शाया गया था। नियुक्ति पत्र देखकर सीएमओ अचंभित रह गए। उन्होंने बताया कि इस नाम का तो स्वास्थ्य विभाग में पद ही नहीं है तो नेहा परेशान हो उठी। इस पर नेहा ने सवाल उठाया कि यह नियुक्ति गलत कैसे हो सकती है। अक्तूबर माह का वेतन भी एडवांस में उसके खाते में डाल दिया गया है। उसने पांच लाख रुपये में संविदा पर नियुक्ति ली है। साथ ही बताया कि जिस व्यक्ति ने उससे रुपये लिए है, उसने कुछ दिन पूर्व आत्महत्या कर ली है। सीएमओ ने बताया कि किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। मामला दूसरे जिले का होने के कारण हस्ताक्षर पहचान में नहीं आए। ठगी करने वालों से सभी को सावधान रहने की जरूरत है। इस पर नेहा मायूस होकर लौट गई।
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