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रोड़वेज में घोटाला
Updated Wed, 25 Apr 2018 11:56 PM IST
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बिजनौर डिपो की एक रोड़वेज बस के परिचालक ने किया घोटाला
उजागर होने पर मामले को दबाने में जुटे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
बिजनौर रोडवेज डिपो में घोटाला सामने आया है। मात्र 37 मिनट में ही बिजनौर डिपो की एक बस से लोगों को बिजनौर से नजीबाबाद, नजीबाबाद से मुरादाबाद और कश्मीरी गेट दिल्ली, नांगल-चंदक और नगीना आदि स्थानों के लिए यात्रा करा दी गई। परिचालक द्वारा मशीन से काटे गए टिकटों की सूची से इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। अब अधिकारियों ने इस मामले को दबाने में जुटे है।
छह अप्रैल 2018 को बिजनौर डिपो की एक बस को बिजनौर से मुरादाबाद का रूट देकर ड्यूटी स्लिप जारी की गई थी। आरोप है परिचालक ने बस स्टैंड पर खड़े होकर ही सारे टिकट काट दिए। टिकट लिस्ट के अनुसार पहला टिकट 8 बजकर 43 मिनट पर काटा गया, जबकि अंतिम टिकट 9 बजकर 13 मिनट पर जारी किया गया। इतने समय के अंतराल पर परिचालक ने 8 बजकर 34 मिनट पर बिजनौर से नजीबाबाद, 8 बजकर 43 मिनट पर बिजनौर से कश्मीरी गेट (दिल्ली), 8:47 बजे बिजनौर से मुरादाबाद, 8:53 बजे बिजनौर से नगीना, 9:01 बजे बिजनौर से मुरादाबाद, 9:04 बजे बिजनौर से नजीबाबाद, 9:10 बजे बिजनौर से नांगल, 9:13 बजे बिजनौर से चंदक का टिकट काटकर फर्जी यात्रा करा दी गई। यही नहीं बस खराब होने की बात कहकर यात्रियों को दूसरी बसों में भी स्थानांतरित कर दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि इस बस का वास्तविक रूट बिजनौर से मुरादाबाद के लिए जारी किया गया था। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से बस को बिजनौर से लखनऊ वाया मुरादाबाद के लिये चलना दर्शाया गया। इस रूट की वास्तविक दूरी आने जाने की 902 किलोमीटर बैठती है। अधिकारी इस मामले को पूरी से तरह से दबाने में जुटे हैं।
एआरएम वीके मौर्य और बस स्टेशन के अधीक्षक आयुष भटनागर पहले तो इस मामले को टालते रहे। जब खबर के 100 प्रतिशत सही होने की तथ्यों के बारे में बताया गया तो अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने की बात कही।
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बिना अनुमति कर्मचारी लखनऊ रैली में ले गए बस
चर्चा है कि कुछ कर्मचारी मिलजुलकर लखनऊ में हुई रैली में निगम की इस बस को बिना अनुमति के ले गए थे। कर्मचारियों में इस बात की चर्चा हुई तो मामला प्रकाश में आया। एआरएम वीके मौर्य इस बारे में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए।
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उजागर होने पर मामले को दबाने में जुटे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
बिजनौर रोडवेज डिपो में घोटाला सामने आया है। मात्र 37 मिनट में ही बिजनौर डिपो की एक बस से लोगों को बिजनौर से नजीबाबाद, नजीबाबाद से मुरादाबाद और कश्मीरी गेट दिल्ली, नांगल-चंदक और नगीना आदि स्थानों के लिए यात्रा करा दी गई। परिचालक द्वारा मशीन से काटे गए टिकटों की सूची से इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। अब अधिकारियों ने इस मामले को दबाने में जुटे है।
छह अप्रैल 2018 को बिजनौर डिपो की एक बस को बिजनौर से मुरादाबाद का रूट देकर ड्यूटी स्लिप जारी की गई थी। आरोप है परिचालक ने बस स्टैंड पर खड़े होकर ही सारे टिकट काट दिए। टिकट लिस्ट के अनुसार पहला टिकट 8 बजकर 43 मिनट पर काटा गया, जबकि अंतिम टिकट 9 बजकर 13 मिनट पर जारी किया गया। इतने समय के अंतराल पर परिचालक ने 8 बजकर 34 मिनट पर बिजनौर से नजीबाबाद, 8 बजकर 43 मिनट पर बिजनौर से कश्मीरी गेट (दिल्ली), 8:47 बजे बिजनौर से मुरादाबाद, 8:53 बजे बिजनौर से नगीना, 9:01 बजे बिजनौर से मुरादाबाद, 9:04 बजे बिजनौर से नजीबाबाद, 9:10 बजे बिजनौर से नांगल, 9:13 बजे बिजनौर से चंदक का टिकट काटकर फर्जी यात्रा करा दी गई। यही नहीं बस खराब होने की बात कहकर यात्रियों को दूसरी बसों में भी स्थानांतरित कर दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि इस बस का वास्तविक रूट बिजनौर से मुरादाबाद के लिए जारी किया गया था। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से बस को बिजनौर से लखनऊ वाया मुरादाबाद के लिये चलना दर्शाया गया। इस रूट की वास्तविक दूरी आने जाने की 902 किलोमीटर बैठती है। अधिकारी इस मामले को पूरी से तरह से दबाने में जुटे हैं।
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एआरएम वीके मौर्य और बस स्टेशन के अधीक्षक आयुष भटनागर पहले तो इस मामले को टालते रहे। जब खबर के 100 प्रतिशत सही होने की तथ्यों के बारे में बताया गया तो अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने की बात कही।
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बिना अनुमति कर्मचारी लखनऊ रैली में ले गए बस
चर्चा है कि कुछ कर्मचारी मिलजुलकर लखनऊ में हुई रैली में निगम की इस बस को बिना अनुमति के ले गए थे। कर्मचारियों में इस बात की चर्चा हुई तो मामला प्रकाश में आया। एआरएम वीके मौर्य इस बारे में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए।