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Bijnor News: पटरी निर्माण में लीपापोती, टेंडर निरस्त
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बिजनौर। मानकों के विपरीत जबरन सड़क बनाने वाले ठेकेदार को सिंचाई विभाग ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। टेंडर निरस्त कर कर ठेकेदार पर जुर्माना भी ठोंका जा रहा है। दरअसल घटिया सामग्री से बन रही सड़क का निर्माण रोकने के लिए विभाग को पुलिस का भी सहारा लेना पड़ा था।
कोतवाली देहात के गांव ऊमरी के पास से गुजरने वाली हल्दौर शाखा नहर की पटरी पर सड़क सालों से बदहाल है। इस नहर पटरी पर उमरी से बिलाई चीनी मिल की ओर करीब 14 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए नवंबर में टेंडर जारी किया गया। जिस पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत आनी थी।
उस वक्त ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद दिसंबर में निर्माण की समय अवधि को बढ़ाकर 15 मार्च कर दिया गया। ऐसे में काम खत्म करने की समय अवधि 15 मार्च थी। मार्च के आखिर में सड़क का निर्माण शुरू किया गया तो गुणवत्ता बेहद घटिया रही। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के साथ ग्रामीणों ने विरोध किया और अमर उजाला ने भी मामले को प्रमुखता से उठाया।
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सिंचाई खंड के इंजीनियरों ने मौके पर सड़क जाकर देखी तो गुणवत्ता खराब होने की वजह से उन्होंने सड़क निर्माण रुकवा दिया था। तीस मार्च को दिन में सड़क निर्माण रुकवाया तो ठेकेदार ने रात में चालू कर दिया था। जिसके बाद अभियंता ने थाना कोतवाली देहात पुलिस के साथ पहुंचकर काम रुकवाया था। इसके बाद भी ठेकेदार ने थाना कोतवाली देहात की सीमा को छोड़ हल्दौर थाने की सीमा में दो किलोमीटर लंबी सड़क बना डाली थी।
इसके बाद सिंचाई विभाग ने उक्त ठेकेदार को दिए गए टेंडर को निरस्त करने की प्रक्रिया को चालू किया। अब टेंडर निरस्त कर दिया गया है और सड़क निर्माण के लिए फिर से टेंडर प्रक्रिया चालू की जाएगी।
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कोतवाली देहात के गांव ऊमरी के पास से गुजरने वाली हल्दौर शाखा नहर की पटरी पर सड़क सालों से बदहाल है। इस नहर पटरी पर उमरी से बिलाई चीनी मिल की ओर करीब 14 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए नवंबर में टेंडर जारी किया गया। जिस पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत आनी थी।
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उस वक्त ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद दिसंबर में निर्माण की समय अवधि को बढ़ाकर 15 मार्च कर दिया गया। ऐसे में काम खत्म करने की समय अवधि 15 मार्च थी। मार्च के आखिर में सड़क का निर्माण शुरू किया गया तो गुणवत्ता बेहद घटिया रही। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के साथ ग्रामीणों ने विरोध किया और अमर उजाला ने भी मामले को प्रमुखता से उठाया।
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सिंचाई खंड के इंजीनियरों ने मौके पर सड़क जाकर देखी तो गुणवत्ता खराब होने की वजह से उन्होंने सड़क निर्माण रुकवा दिया था। तीस मार्च को दिन में सड़क निर्माण रुकवाया तो ठेकेदार ने रात में चालू कर दिया था। जिसके बाद अभियंता ने थाना कोतवाली देहात पुलिस के साथ पहुंचकर काम रुकवाया था। इसके बाद भी ठेकेदार ने थाना कोतवाली देहात की सीमा को छोड़ हल्दौर थाने की सीमा में दो किलोमीटर लंबी सड़क बना डाली थी।
इसके बाद सिंचाई विभाग ने उक्त ठेकेदार को दिए गए टेंडर को निरस्त करने की प्रक्रिया को चालू किया। अब टेंडर निरस्त कर दिया गया है और सड़क निर्माण के लिए फिर से टेंडर प्रक्रिया चालू की जाएगी।