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निगम कर्मियों ने गुल की अस्पताल की बिजली
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निगम कर्मियों ने गुल की अस्पताल की बिजली
बिजनौर। निगम कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान जिला अस्पताल में भी विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी। इससे कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट को आए सैंपल भी नष्ट हो सकते थे। अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह बिजली व्यवस्था सुचारु कराकर सैंपल की जांच की। अगर अस्पताल प्रशासन के प्रयास से समय पर बिजली न मिलती तो इससे काफी नुकसान होता।
जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर सैंपल की जांच होती है। हर रोज 200 से 500 सैंपल तक जिला अस्पताल में आते हैं। अब भी कोई समस्या आने पर कोविड से जुड़ी जांच कराने को कहा जाता है। जिला अस्पताल के लिए काफी समय से अलग विद्युत लाइन है और यहां पर 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। बृहस्पतिवार को निगम कर्मचारियों की हड़ताल थी। कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान जिला अस्पताल की निर्बाध बिजली आपूर्ति भी बाधित कर दी और बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के होश उड़ गए। आरटीपीसीआर जांच के लिए संरक्षित रखे गए सैंपल बिजली न होने पर खराब हो सकते थे। अस्पताल प्रशासन के कहने पर निगम कर्मचारियों ने बिजली तो दी लेकिन फिर भी वे बार बार बिजली गुल करते रहे। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.राकेश दुबे ने निगम के अफसरों से वार्ता कराई तब जाकर विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.राकेश दुबे के अनुसार निगम कर्मचारियों से सामंजस्य स्थापित किया गया है। अफसरों ने हड़ताल के बाद भी अस्पताल को बिजली उपलब्ध कराई।
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बिजनौर। निगम कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान जिला अस्पताल में भी विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी। इससे कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट को आए सैंपल भी नष्ट हो सकते थे। अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह बिजली व्यवस्था सुचारु कराकर सैंपल की जांच की। अगर अस्पताल प्रशासन के प्रयास से समय पर बिजली न मिलती तो इससे काफी नुकसान होता।
जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर सैंपल की जांच होती है। हर रोज 200 से 500 सैंपल तक जिला अस्पताल में आते हैं। अब भी कोई समस्या आने पर कोविड से जुड़ी जांच कराने को कहा जाता है। जिला अस्पताल के लिए काफी समय से अलग विद्युत लाइन है और यहां पर 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। बृहस्पतिवार को निगम कर्मचारियों की हड़ताल थी। कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान जिला अस्पताल की निर्बाध बिजली आपूर्ति भी बाधित कर दी और बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के होश उड़ गए। आरटीपीसीआर जांच के लिए संरक्षित रखे गए सैंपल बिजली न होने पर खराब हो सकते थे। अस्पताल प्रशासन के कहने पर निगम कर्मचारियों ने बिजली तो दी लेकिन फिर भी वे बार बार बिजली गुल करते रहे। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.राकेश दुबे ने निगम के अफसरों से वार्ता कराई तब जाकर विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.राकेश दुबे के अनुसार निगम कर्मचारियों से सामंजस्य स्थापित किया गया है। अफसरों ने हड़ताल के बाद भी अस्पताल को बिजली उपलब्ध कराई।
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