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कोरोना : सामान्य मरीज घर पर ही रहेंगे आइसोलेट
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कोरोना : सामान्य मरीज घर पर ही रहेंगे आइसोलेट
बिजनौर। जिले में कोरोना के मरीजों को उनके स्वास्थ्य के अनुसार उपचार दिया जाएगा। बिना लक्षण या सामान्य हालत वाले मरीजों को घर पर ही आइसोलेट रखा जाएगा। अस्पताल में केवल कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले या गंभीर मरीजों को ही रखा जाएगा। विभाग की मंशा केवल 15 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल में रखने की है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे इंतजाम कर लिए हैं। जिला अस्पताल को कोविड एल टू वार्ड बनाया गया है और चार अन्य केंद्र कोविड एल वन सेंटर बने हैं। ये इंतजाम काफी बताया जा रहा है, लेकिन मरीजों की संख्या कितनी भी हो सकती है। हालांकि ये जरूरी नहीं होता है कि जिसे कोरोना निकले उसकी हालत गंभीर ही हो। करीब तीन महीनों में जिले में कोरोना का एक ही मरीज मिला है। संक्रमित मिला व्यक्ति विदेश से आया था और उसे जिला अस्पताल में रखा गया है, वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
शासन द्वारा निर्देश दिया गया है कि केवल गंभीर मरीजों को ही कोविड सेंटर में रखा जाए। विभाग की रिपोर्ट में यह माना गया है कि 85 प्रतिशत मरीजों में कोरोना का कोई लक्षण नहीं होता है या वे सामान्य होते हैं। ऐसे में उन्हें घर पर आइसोलेट किया जाना चाहिए। छोटे मोटे लक्षणों के आधार पर घरों पर भी दवाई दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग भी इसी के तहत कार्य कर रहा है। इसलिए अभी तक कोई क्वारंटीन या आइसोलेशन सेंटर नहीं बनाया गया है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार सभी कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करें और टीकाकरण जरूर करा लें। ऐसा करने से संक्रमण होने की संभावना कम रहेगी। विभाग बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है।
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बिजनौर। जिले में कोरोना के मरीजों को उनके स्वास्थ्य के अनुसार उपचार दिया जाएगा। बिना लक्षण या सामान्य हालत वाले मरीजों को घर पर ही आइसोलेट रखा जाएगा। अस्पताल में केवल कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले या गंभीर मरीजों को ही रखा जाएगा। विभाग की मंशा केवल 15 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल में रखने की है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे इंतजाम कर लिए हैं। जिला अस्पताल को कोविड एल टू वार्ड बनाया गया है और चार अन्य केंद्र कोविड एल वन सेंटर बने हैं। ये इंतजाम काफी बताया जा रहा है, लेकिन मरीजों की संख्या कितनी भी हो सकती है। हालांकि ये जरूरी नहीं होता है कि जिसे कोरोना निकले उसकी हालत गंभीर ही हो। करीब तीन महीनों में जिले में कोरोना का एक ही मरीज मिला है। संक्रमित मिला व्यक्ति विदेश से आया था और उसे जिला अस्पताल में रखा गया है, वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
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शासन द्वारा निर्देश दिया गया है कि केवल गंभीर मरीजों को ही कोविड सेंटर में रखा जाए। विभाग की रिपोर्ट में यह माना गया है कि 85 प्रतिशत मरीजों में कोरोना का कोई लक्षण नहीं होता है या वे सामान्य होते हैं। ऐसे में उन्हें घर पर आइसोलेट किया जाना चाहिए। छोटे मोटे लक्षणों के आधार पर घरों पर भी दवाई दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग भी इसी के तहत कार्य कर रहा है। इसलिए अभी तक कोई क्वारंटीन या आइसोलेशन सेंटर नहीं बनाया गया है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार सभी कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करें और टीकाकरण जरूर करा लें। ऐसा करने से संक्रमण होने की संभावना कम रहेगी। विभाग बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है।
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