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बिना सैंपल के ही व्यक्ति को बता दिया कोरोना संक्रमित
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बिना सैंपल लिए ही बता दिया कोरोना संक्रमित
बिजनौर, अफजलगढ़। ब्लॉक क्षेत्र के गांव में सैंपल दिए बगैर ही उसका नाम संक्रमित लोगों की सूची में शामिल होने का मामला सामने आया है। एक गांववासी ने कोरोना जांच पर सवाल उठाते हुए बिना जांच के अपने को कोरोना संक्रमित घोषित करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उसने मामले की जांच कर दोषियों कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।
एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि शनिवार को सुबह उसके पास सीएचसी स्टाफ, पुलिस तथा लेखपाल ने फोन किया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में वह कोरोना संक्रमित आया है। उससे होम आइसोलेट होने और कोविड 19 गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया। पीड़ित के मुताबिक फोन पर सरकारी विभागों के अधिकारियों की बात सुनकर बेहद हैरानी हुई कि वह कोरोना पोजिटिव है। पीड़ित का कहना है कि वह किसी भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में कोरोना संबंधी जांच कराने गया ही नहीं था तो उसके संक्रमित होने की रिपोर्ट कैसे आ गई।
उसने कोरोना होने संबंधी रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस रिपोर्ट के चलते गांव में उसकी छवि खराब हुई है तथा पॉजिटिव समझकर गांव वाले उससे दूर भाग रहे हैं तथा बात करने को तैयार नहीं हैं। पीड़ित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि उक्त व्यक्ति का कोई परिचित उसका नाम और मोबाइल नंबर लिखवाकर सैंपल दे गया हो। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रजनीश ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
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बिजनौर, अफजलगढ़। ब्लॉक क्षेत्र के गांव में सैंपल दिए बगैर ही उसका नाम संक्रमित लोगों की सूची में शामिल होने का मामला सामने आया है। एक गांववासी ने कोरोना जांच पर सवाल उठाते हुए बिना जांच के अपने को कोरोना संक्रमित घोषित करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उसने मामले की जांच कर दोषियों कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।
एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि शनिवार को सुबह उसके पास सीएचसी स्टाफ, पुलिस तथा लेखपाल ने फोन किया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में वह कोरोना संक्रमित आया है। उससे होम आइसोलेट होने और कोविड 19 गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया। पीड़ित के मुताबिक फोन पर सरकारी विभागों के अधिकारियों की बात सुनकर बेहद हैरानी हुई कि वह कोरोना पोजिटिव है। पीड़ित का कहना है कि वह किसी भी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में कोरोना संबंधी जांच कराने गया ही नहीं था तो उसके संक्रमित होने की रिपोर्ट कैसे आ गई।
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उसने कोरोना होने संबंधी रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस रिपोर्ट के चलते गांव में उसकी छवि खराब हुई है तथा पॉजिटिव समझकर गांव वाले उससे दूर भाग रहे हैं तथा बात करने को तैयार नहीं हैं। पीड़ित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि उक्त व्यक्ति का कोई परिचित उसका नाम और मोबाइल नंबर लिखवाकर सैंपल दे गया हो। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रजनीश ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
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