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गेहूं की खरीदारी पर भी कोरोना का असर, अभी नहीं खुले क्रय केंद्र
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गेहूं की खरीदारी पर भी कोरोना का असर, अभी नहीं खुले क्रय केंद्र
धामपुर। कोरोना का असर गेहूं की खरीदारी पर भी दिखाई देने लगा है। गेहूं क्रय केंद्र न खुलने से किसान परेशानी में हैं। किसानों को इस बात को लेकर चिंता सता रही है कि यदि केंद्र नहीं खुले तो गेहूं की दुर्गति हो जाएगी। व्यापारी मनमाने दाम पर ही गेहूं की खरीदारी करेंगे। सबसे ज्यादा गेहूं की पैदावार करने वाले अफजलगढ़ में किसान व्यापारियों को औने-पौने दाम पर गेहूं बेच रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक क्रय केंद्र खोलने की कोई सुध तक नहीं ली है।
अप्रैल का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी जनपद में गेहूं केंद्र खोलने की कोई शुरुआत नहीं हुई। जबकि किसानों की गेहूं कटाई का काम तेजी से चल रहा है। अफजलगढ़ क्षेत्र में 10 प्रतिशत किसानों ने गेहूं की कटाई कर डाली है। किसान जयपाल सिंह, राजवीर सिंह, दौलत सिंह आदि का कहना है कि इस बार गेहूं खरीदारी की हालत खराब होती दिखाई दे रही है। प्रशासन ने अभी तक गेहूं की खरीदारी करने के लिए अपने स्तर पर कोई प्रयास शुरू नहीं किए हैं। जबकि व्यापारी गेहूं खरीदारी के लिए किसानों के दर पर आने लगे हैं। व्यापारियों को किसान ओने पौने दाम में ही गेहूं बेच रहे हैं। सरकार ने भी गेहूं का कोई न्यूनतम मूल्य जारी नहीं किया है। जबकि व्यापारी 1700 रुपए लेकर 1750 रुपए में गेहूं की खरीदारी कर रहे हैं। अच्छे गेहूं के किसान को 18 सौ रुपए तक का दाम मिल रहा है। जबकि बाजार में पुराने गेहूं की कीमत 2200 रुपए से 2300 रुपए के बीच है। कोरोना की वजह से आटे का दाम भी करीब 30 प्रति किलो प्रति किलो पहुंच गया है। उधर एफसीआई केंद्र प्रभारी भूपेंद्र सिंह का कहना 15 अप्रैल से खरीदारी शुरू होने की उम्मीद है।
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धामपुर। कोरोना का असर गेहूं की खरीदारी पर भी दिखाई देने लगा है। गेहूं क्रय केंद्र न खुलने से किसान परेशानी में हैं। किसानों को इस बात को लेकर चिंता सता रही है कि यदि केंद्र नहीं खुले तो गेहूं की दुर्गति हो जाएगी। व्यापारी मनमाने दाम पर ही गेहूं की खरीदारी करेंगे। सबसे ज्यादा गेहूं की पैदावार करने वाले अफजलगढ़ में किसान व्यापारियों को औने-पौने दाम पर गेहूं बेच रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक क्रय केंद्र खोलने की कोई सुध तक नहीं ली है।
अप्रैल का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी जनपद में गेहूं केंद्र खोलने की कोई शुरुआत नहीं हुई। जबकि किसानों की गेहूं कटाई का काम तेजी से चल रहा है। अफजलगढ़ क्षेत्र में 10 प्रतिशत किसानों ने गेहूं की कटाई कर डाली है। किसान जयपाल सिंह, राजवीर सिंह, दौलत सिंह आदि का कहना है कि इस बार गेहूं खरीदारी की हालत खराब होती दिखाई दे रही है। प्रशासन ने अभी तक गेहूं की खरीदारी करने के लिए अपने स्तर पर कोई प्रयास शुरू नहीं किए हैं। जबकि व्यापारी गेहूं खरीदारी के लिए किसानों के दर पर आने लगे हैं। व्यापारियों को किसान ओने पौने दाम में ही गेहूं बेच रहे हैं। सरकार ने भी गेहूं का कोई न्यूनतम मूल्य जारी नहीं किया है। जबकि व्यापारी 1700 रुपए लेकर 1750 रुपए में गेहूं की खरीदारी कर रहे हैं। अच्छे गेहूं के किसान को 18 सौ रुपए तक का दाम मिल रहा है। जबकि बाजार में पुराने गेहूं की कीमत 2200 रुपए से 2300 रुपए के बीच है। कोरोना की वजह से आटे का दाम भी करीब 30 प्रति किलो प्रति किलो पहुंच गया है। उधर एफसीआई केंद्र प्रभारी भूपेंद्र सिंह का कहना 15 अप्रैल से खरीदारी शुरू होने की उम्मीद है।
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