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डिजिटल लेनदेन के लिए जागरूक हुए उपभोक्ता

Tue, 07 Nov 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Updated Tue, 07 Nov 2017 11:10 PM IST
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Consumers Consumed for Digital Transaction
बिजनौर में बाजार में पीओएस मशीन से पेमेंट करता ग्राहक। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर। 500 और एक हजार के नोट बंद हुए आज एक साल हो जाएगा। अब न तो बैंकों में भीड़ है और न ही एटीएम के बाहर नो कैश के बोर्ड लगे हैं। नोटबंदी के बाद से डिजिटल क्रांति के प्रति जिले के उपभोक्ता बहुत जागरूक हुए हैं।
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आठ नवंबर 2016 की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा कर दी थी। पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ता एक हजार और पांच सौ के नोट लेकर पहुंच गए थे। 10 नवंबर को पुराने नोट जमा करने और छोटे नोट लेने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ बैंकों में उमड़ पड़ी थी। दो महीने तक यही हालात रहे। जिले के बैंकों में 500 और एक हजार के करीब 600 करोड़ रुपये जमा हुए। घंटों लाइन में लगने के बाद भी उपभोक्ताओं को खाली हाथ घर जाना पड़ रहा था। बैंक तो बैंक कई बार करेंसी चेस्ट तक खाली हो गईं। पूरी-पूरी रात उपभोक्ता बैंकों और एटीएम के बाहर पडे़ रहे। बैंकों से कैश न मिलने पर बैंकों में हंगामे और तोड़फोड़ तक की गई। लेकिन एक साल बाद जिले के हालात एकदम सामान्य हैं।
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हर रोज बांटे गए थे 200 करोड़ रुपये नोटबंदी से पहले जिले के बैंकों में हर रोज करीब 25 करोड़ रुपये जमा होते थे और उतने ही बांट दिए जाते थे। यानि 25 करोड़ में ही जिले का कारोबार चलता था। नोटबंदी के एक महीने बाद तक जिले में हर रोज उपभोक्ताओं को करीब 200 करोड़ रुपये बांटे गए थे। तब जाकर कहीं उपभोक्ताओं की भीड़ बैंकों में उमड़ना कम हुई थी।
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उपभोक्ताओं ने डिजिटल पेमेंट को अपनाया नोटबंदी के बाद से जिले में डिजिटल पेमेंट के लिए एक लहर सी पैदा हुई। पहले उपभोक्ता नगदी से ही खरीदारी करने में विश्वास रखते थे। लेकिन नोटबंदी के बाद हालात बदल गए। उपभोक्ता एटीएम/क्रेडिट कार्ड के जरिये पोस मशीन से खरीदारी करने के लिए तैयार हो गए। अब जिले के 25 प्रतिशत पेट्रोल पंपों और दुकानों पर खरीदारी पोस मशीन के जरिये की जाती है। नोटबंदी के बाद से जिले भर में दस हजार से ज्यादा दुकानों पर पोस मशीन लग चुकी हैं। केवल व्यापारिक प्रतिष्ठानों ही नहीं सरकारी राशन की दुकानों से राशन और खाद की दुकानों से उर्वरक भी पोस मशीन से ही बेचे जा रहे हैं।
नोटबंदी के बाद बैंक भी हुए अपडेट नोटबंदी के बाद से बैंक भी डिजिटल पेमेंट के प्रति जागरूक हुए हैं। लगभग सभी बैंकों ने अपने ई पॉकेट लांच किए हैं। इसके अलावा कई बैंकों ने मोबाइल बैंकिंग भी शुरू की है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार बैंकों में हालात बिल्कुल सामान्य हैं। नगदी की कहीं कोई किल्लत नहीं है। उपभोक्ता भी डिजिटल पेमेंट के प्रति जागरूक हो गए हैं।
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