{"_id":"61ad0c50ee6f4a17567c4df0","slug":"construction-of-canal-track-stopped-bijnor-news-mrt5677598196","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोका गया नहर पटरी मार्ग का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोका गया नहर पटरी मार्ग का निर्माण
विज्ञापन
हल्दौर के गांव खेड़ा के पास उद्घाटन के दौरान ही टूटी सड़क। फाइल फोटो
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोका गया नहर पटरी मार्ग का निर्माण
बिजनौर। विवादों में फंसी नहर पटरी पर बन रही सड़क का निर्माण अब मौसम के अनुकूल होने पर ही किया जाएगा। सिंचाई विभाग को इसके लिए निर्देश मिल चुके हैं, जिनमें तापमान बढ़ने पर ही प्रीमिक्स कारपेट बनाने के लिए कहा गया है। दरअसल, तारकोल से बनने वाली सड़कों में 15 डिग्री से कम तापमान नुकसानदायक होता है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता विवेक सिंह ने नहर पटरी पर बन रही सड़क का निरीक्षण किया था। उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अफसरों को प्रेषित की। बताया जा रहा है रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया जल्दबाजी में प्रीमिक्स कारपेट (तारकोल-बजरी का मिक्चर) डाला गया। सूत्रों की मानेें तो विभागीय अफसर मान रहे हैं कि उस दिन तापमान गिर गया था। बता दें कि दो दिसंबर को सदर विधायक सुुचि मौसम चौधरी नहटौर शाखा नहर की पटरी पर बन रही सड़क का उद्घाटन करने के लिए पहुंची थी। उन्होंने नारियल फोड़ना चाहा तो सड़क टूट गई। सात किलोमीटर लंबी यह सड़क सवा करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा जानी है। जिसमें सात सौ मीटर का निर्माण कर कर लिया गया था। मामले में जांच बैठ चुकी है। उधर, लखनऊ सिंचाई विभाग के मुख्यालय से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिनमें तापमान अनुकूल होने पर ही प्रीमिक्स कारपेट डालने के लिए कहा गया है। तकनीकी जानकारों की मानें तो पंद्रह डिग्री सेल्सियस से तापमान कम होना प्रीमिक्स कारपेट के लिए नुकसानदायक होता है। कम तापमान में बजरी आपस में ठीक से नहीं जुड़ पाती हैं।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब में नमूना भेजा गया है। खुद मौके पर जाकर जांच की है, यह बात सामने आई है कि जिस दिन सड़क बनी उस दिन तापमान गिर गया था। हालांकि अब निर्देश मिले हैं कि तापमान सामान्य नहीं होते तक सड़क में प्रीमिक्स कारपेट का काम नहीं होगा।
विज्ञापन
- विवेक सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई खंड हरिद्वार
विज्ञापन
बिजनौर। विवादों में फंसी नहर पटरी पर बन रही सड़क का निर्माण अब मौसम के अनुकूल होने पर ही किया जाएगा। सिंचाई विभाग को इसके लिए निर्देश मिल चुके हैं, जिनमें तापमान बढ़ने पर ही प्रीमिक्स कारपेट बनाने के लिए कहा गया है। दरअसल, तारकोल से बनने वाली सड़कों में 15 डिग्री से कम तापमान नुकसानदायक होता है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता विवेक सिंह ने नहर पटरी पर बन रही सड़क का निरीक्षण किया था। उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अफसरों को प्रेषित की। बताया जा रहा है रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया जल्दबाजी में प्रीमिक्स कारपेट (तारकोल-बजरी का मिक्चर) डाला गया। सूत्रों की मानेें तो विभागीय अफसर मान रहे हैं कि उस दिन तापमान गिर गया था। बता दें कि दो दिसंबर को सदर विधायक सुुचि मौसम चौधरी नहटौर शाखा नहर की पटरी पर बन रही सड़क का उद्घाटन करने के लिए पहुंची थी। उन्होंने नारियल फोड़ना चाहा तो सड़क टूट गई। सात किलोमीटर लंबी यह सड़क सवा करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा जानी है। जिसमें सात सौ मीटर का निर्माण कर कर लिया गया था। मामले में जांच बैठ चुकी है। उधर, लखनऊ सिंचाई विभाग के मुख्यालय से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिनमें तापमान अनुकूल होने पर ही प्रीमिक्स कारपेट डालने के लिए कहा गया है। तकनीकी जानकारों की मानें तो पंद्रह डिग्री सेल्सियस से तापमान कम होना प्रीमिक्स कारपेट के लिए नुकसानदायक होता है। कम तापमान में बजरी आपस में ठीक से नहीं जुड़ पाती हैं।
विज्ञापन
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब में नमूना भेजा गया है। खुद मौके पर जाकर जांच की है, यह बात सामने आई है कि जिस दिन सड़क बनी उस दिन तापमान गिर गया था। हालांकि अब निर्देश मिले हैं कि तापमान सामान्य नहीं होते तक सड़क में प्रीमिक्स कारपेट का काम नहीं होगा।
विज्ञापन
- विवेक सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई खंड हरिद्वार