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Bijnor News: जीत गई सहमति, हार गई बहस
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बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की और शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़े स्तर पर लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें प्रीलिटिगेशन स्तर के 60,317 वादों समेत न्यायालयों में लंबित 13,952 वादों का निस्तारण कराया गया। साथ ही विभिन्न मामलों में एक करोड़ 38 लाख 83 हजार 716 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। साथ ही 98 लाख 6 हजार 150 रुपये जुर्माना राशि के रूप में वसूल किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार सप्तम ने किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में नौ वादों का निस्तारण करते हुए 49 लाख 65 हजार रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। परिवार न्यायालय में 21 मामलों का निपटारा हुआ। इसके अलावा विभिन्न सिविल एवं फौजदारी न्यायालयों में हजारों मामलों का समाधान कराया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर सिविल जज, सिविल जज जूनियर डिवीजन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण कर जुर्माना राशि वसूली गई। सिविल जज जूनियर डिवीजन नजीबाबाद, नगीना और धामपुर न्यायालयों में भी सैकड़ों मामलों का निस्तारण किया गया।
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लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि आपसी सहमति से विवादों के समाधान से पक्षकारों को राहत मिली और लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ।
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राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार सप्तम ने किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में नौ वादों का निस्तारण करते हुए 49 लाख 65 हजार रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। परिवार न्यायालय में 21 मामलों का निपटारा हुआ। इसके अलावा विभिन्न सिविल एवं फौजदारी न्यायालयों में हजारों मामलों का समाधान कराया गया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर सिविल जज, सिविल जज जूनियर डिवीजन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण कर जुर्माना राशि वसूली गई। सिविल जज जूनियर डिवीजन नजीबाबाद, नगीना और धामपुर न्यायालयों में भी सैकड़ों मामलों का निस्तारण किया गया।
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लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि आपसी सहमति से विवादों के समाधान से पक्षकारों को राहत मिली और लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ।