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कर्मचारियों के नौकरी से निकाले जाने पर चिंता
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कर्मचारियों के नौकरी से निकाले जाने पर चिंता
बिजनौर। बसपा सांसद मलूक नागर ने नौकरी से निकाले जा रहे मीडिया कर्मियों और उद्योग व कारखानों आदि में काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कानून लाकर इनका रोजगार सुरक्षित करने की मांग की है।
सांसद ने सोमवार को वित्त मंत्री को पत्र लिखकर कर कहा कि लॉकडाउन के बीच मीडियाकर्मी जान जोखिम में डाल कर पूरे देश तक कोरोना महामारी की खबरें पहुंचा रहे हैं। लेकिन संकट की इस घड़ी में मीडिया संस्थान इन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहे हैं। उन्होंने मीडिया कर्मियों के लिए 25 लाख रुपये का बीमा, आवास व अन्य सुविधाएं दिलाए जाने की मांग की। साथ ही चिकित्सकों के लिए 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस की तर्ज पर बचाव कार्य में लगे पुलिस कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के जवानों के लिए भी 25 लाख रुपये तक का बीमा कराने की मांग दोहराई। उन्होंने सरकार से प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वालों का रोजगार सुरक्षित करने तथा वेतन नहीं काटे जाने को लेकर एक कानून बनाने की अपील की है। उन्होंने मांग की अगर प्राईवेट नौकरी से कर्मचारियों को निकाला जाता है तो सरकार उनके लिए भी 10 लाख का बीमा या नकद भुगतान की व्यवस्था करे।
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बिजनौर। बसपा सांसद मलूक नागर ने नौकरी से निकाले जा रहे मीडिया कर्मियों और उद्योग व कारखानों आदि में काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कानून लाकर इनका रोजगार सुरक्षित करने की मांग की है।
सांसद ने सोमवार को वित्त मंत्री को पत्र लिखकर कर कहा कि लॉकडाउन के बीच मीडियाकर्मी जान जोखिम में डाल कर पूरे देश तक कोरोना महामारी की खबरें पहुंचा रहे हैं। लेकिन संकट की इस घड़ी में मीडिया संस्थान इन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहे हैं। उन्होंने मीडिया कर्मियों के लिए 25 लाख रुपये का बीमा, आवास व अन्य सुविधाएं दिलाए जाने की मांग की। साथ ही चिकित्सकों के लिए 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस की तर्ज पर बचाव कार्य में लगे पुलिस कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के जवानों के लिए भी 25 लाख रुपये तक का बीमा कराने की मांग दोहराई। उन्होंने सरकार से प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वालों का रोजगार सुरक्षित करने तथा वेतन नहीं काटे जाने को लेकर एक कानून बनाने की अपील की है। उन्होंने मांग की अगर प्राईवेट नौकरी से कर्मचारियों को निकाला जाता है तो सरकार उनके लिए भी 10 लाख का बीमा या नकद भुगतान की व्यवस्था करे।
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