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समय से पूरा करें कन्या सुमंगला योजना का लक्ष्य : डीएम
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बिजनौर कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना संबंधी बैठक को संबोधित करते डीएम रमाकांत ?
- फोटो : BIJNOR
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समय से पूरा करें कन्या सुमंगला योजना का लक्ष्य : डीएम
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लक्ष्य को निर्धारित समय में प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र बालिकाओं के आवेदन प्राप्त, लंबित आवेदनों का समय से निस्तारण करने तथा योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। योजना के अंतर्गत जनपद का लक्ष्य 36 हजार निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 15307 आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें से 8589 आवेदन जिला स्तरीय कमेटी से अनुमोदन के बाद शासन को भेज दिए गए हैं। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी खंड विकास अधिकारियों को विकास खंडों पर लंबित पड़े आवेदनों को समय से निस्तारित कराने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। बीएसए तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को कक्षा एक, कक्षा छह, कक्षा नौ तथा स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश करने वाली बालिकाओं की संख्या का विवरण उपलब्ध कराने को कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर पात्र बालिकाओं के आवेदन प्राप्त कर उन्हें समय से निस्तारित कराना सुनिश्चित करें। बैठक में एडीएम न्यायिक नितिन मदान, परियोजना निदेशक डीआरडीए विजय प्रकाश श्रीवास्तव, बीएसए, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
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बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लक्ष्य को निर्धारित समय में प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र बालिकाओं के आवेदन प्राप्त, लंबित आवेदनों का समय से निस्तारण करने तथा योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायता प्रदान करना, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। योजना के अंतर्गत जनपद का लक्ष्य 36 हजार निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 15307 आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें से 8589 आवेदन जिला स्तरीय कमेटी से अनुमोदन के बाद शासन को भेज दिए गए हैं। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी खंड विकास अधिकारियों को विकास खंडों पर लंबित पड़े आवेदनों को समय से निस्तारित कराने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। बीएसए तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को कक्षा एक, कक्षा छह, कक्षा नौ तथा स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश करने वाली बालिकाओं की संख्या का विवरण उपलब्ध कराने को कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर पात्र बालिकाओं के आवेदन प्राप्त कर उन्हें समय से निस्तारित कराना सुनिश्चित करें। बैठक में एडीएम न्यायिक नितिन मदान, परियोजना निदेशक डीआरडीए विजय प्रकाश श्रीवास्तव, बीएसए, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
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