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केसीसी खातों से रकम निकालने की शिकायत
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केसीसी खातों से रकम निकालने की शिकायत
रेहड़। किसान क्रेडिट कार्ड खातों से रकम निकाल लिए जाने पर किसानों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बिना पूछे ही पैसा काट लिए जाने पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए। मामले की शिकायत बैंक अधिकारियों से की है। शाखा प्रबंधक ने जांच करने का आश्वासन दिया है।
कासमपुरगढ़ी स्थित पीएनबी में कृषि कार्ड धारकों ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। कृषि कार्ड धारक रूपेंद्र कुमार, सतपाल सिंह, सर्वेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, अंचल चौहान आदि का कहना है कि उन्होंने बैंक से केसीसी ले रखा है। उनके खाते में गन्ने का भुगतान भी आता है। वह हर साल अपने कृषि कार्ड का ब्याज भी जमा कर देते हैं। आरोप है कि बावजूद इसके बैंक अधिकारियों ने उनके खाते से छह हजार व पांच हजार रुपये दो-दो बार रकम हड़प कर ली। पासबुक की एंट्री कराने के बाद जब वह बैंक के मैनेजर के पास इस संबंध में शिकायत करने गए तो मैनेजर ने बैंक खर्च कटौती की बात कहकर किसानों को टरका दिया।
बैंक में ऐसी घटना एक ही किसान के साथ नहीं, बल्कि अन्य किसानों के साथ भी हुई है। कटौती के बारे में बैंक अधिकारी कोई सफाई देने को तैयार नहीं है। बल्कि किसानों को डांट फटकार कर भगा दिया जाता है। आरोप है कि इससे पहले भी बैंक कृषि कार्डों में बड़ी घूसखोरी को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। किसानों ने इस प्रकरण में डीएम से जांच कर बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बैंक मैनेजर दीपक कहना है कि शिकायत मिलने पर किसानों के आरोपों की जांच कराई जाएगी। सही पाए जाने पर रकम वापस होगी।
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रेहड़। किसान क्रेडिट कार्ड खातों से रकम निकाल लिए जाने पर किसानों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बिना पूछे ही पैसा काट लिए जाने पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए। मामले की शिकायत बैंक अधिकारियों से की है। शाखा प्रबंधक ने जांच करने का आश्वासन दिया है।
कासमपुरगढ़ी स्थित पीएनबी में कृषि कार्ड धारकों ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। कृषि कार्ड धारक रूपेंद्र कुमार, सतपाल सिंह, सर्वेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, अंचल चौहान आदि का कहना है कि उन्होंने बैंक से केसीसी ले रखा है। उनके खाते में गन्ने का भुगतान भी आता है। वह हर साल अपने कृषि कार्ड का ब्याज भी जमा कर देते हैं। आरोप है कि बावजूद इसके बैंक अधिकारियों ने उनके खाते से छह हजार व पांच हजार रुपये दो-दो बार रकम हड़प कर ली। पासबुक की एंट्री कराने के बाद जब वह बैंक के मैनेजर के पास इस संबंध में शिकायत करने गए तो मैनेजर ने बैंक खर्च कटौती की बात कहकर किसानों को टरका दिया।
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बैंक में ऐसी घटना एक ही किसान के साथ नहीं, बल्कि अन्य किसानों के साथ भी हुई है। कटौती के बारे में बैंक अधिकारी कोई सफाई देने को तैयार नहीं है। बल्कि किसानों को डांट फटकार कर भगा दिया जाता है। आरोप है कि इससे पहले भी बैंक कृषि कार्डों में बड़ी घूसखोरी को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। किसानों ने इस प्रकरण में डीएम से जांच कर बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बैंक मैनेजर दीपक कहना है कि शिकायत मिलने पर किसानों के आरोपों की जांच कराई जाएगी। सही पाए जाने पर रकम वापस होगी।
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