{"_id":"60d0dba98ebc3ecbe45c2c28","slug":"compensation-sought-for-damage-caused-to-crops-by-rivers-bijnor-news-mrt543846231","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदियों से फसलों को हुए नुकसान का मांगा मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदियों से फसलों को हुए नुकसान का मांगा मुआवजा
विज्ञापन
नदियों से फसलों को हुए नुकसान का मांगा मुआवजा
बिजनौर। भाकियू नेताओं ने गांवों में घूमकर नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुए नुकसान का जायजा लिया। सरकार से किसानों को नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई।
भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने ब्लॉक जलीलपुर में पड़ने वाले गांव धींवरपुरा, बनिया नंगली, सीकरी, सलेमपुर खादर आदि गांव का दौरा किया गया। उन्होंने सरकार पर गलत समय पर साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ने का आरोप लगाया। कहा कि इससे किसानों की फसल बुरी तरह बर्बाद हो गई है। यूनियन पिछले कई महीने से भारतीय किसान यूनियन पिछले कई माह से लगातार शासन-प्रशासन से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रही थी, मगर किसानों को बर्बाद करने पर तुली इस सरकार ने नहरों में पानी नहीं छोड़ा। अब किसानों को दोहरी मार देते हुए गंगा में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार के साथ साथ ही स्थानीय प्रशासन की है। बिना किसी चेतावनी के गंगा में पानी छोड़ने की वजह से गंगा खादर के किसानों का भारी नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग के एससी व जेई को जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने क्षेत्र की समस्या से अवगत कराया इसको सरकारी आपदा भी बताया।
विज्ञापन
बिजनौर। भाकियू नेताओं ने गांवों में घूमकर नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुए नुकसान का जायजा लिया। सरकार से किसानों को नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई।
भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने ब्लॉक जलीलपुर में पड़ने वाले गांव धींवरपुरा, बनिया नंगली, सीकरी, सलेमपुर खादर आदि गांव का दौरा किया गया। उन्होंने सरकार पर गलत समय पर साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ने का आरोप लगाया। कहा कि इससे किसानों की फसल बुरी तरह बर्बाद हो गई है। यूनियन पिछले कई महीने से भारतीय किसान यूनियन पिछले कई माह से लगातार शासन-प्रशासन से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रही थी, मगर किसानों को बर्बाद करने पर तुली इस सरकार ने नहरों में पानी नहीं छोड़ा। अब किसानों को दोहरी मार देते हुए गंगा में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार के साथ साथ ही स्थानीय प्रशासन की है। बिना किसी चेतावनी के गंगा में पानी छोड़ने की वजह से गंगा खादर के किसानों का भारी नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग के एससी व जेई को जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने क्षेत्र की समस्या से अवगत कराया इसको सरकारी आपदा भी बताया।
विज्ञापन