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कंपनी संशोधन विधेयक मजदूरों के खिलाफ : मलूक नागर
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कंपनी संशोधन विधेयक मजदूरों के खिलाफ : मलूक नागर
बिजनौर। बिजनौर लोकसभा सांसद मलूक नागर ने संसद में कंपनी संशोधन विधेयक-2020 पर चर्चा के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के बाद देश व पूरे विश्व में आई आर्थिक मंदी से उबारने के लिए सरकार द्वारा लाया गया कंपनी संशोधन विधेयक-2020 गरीब, मजदूर और कमजोर लोगों के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि देश के पूंजीपतियों और कारपोरेट सेक्टर को उबारने के लिए यह काम किया गया है।
संसद में सवाल पूछने के दौरान सांसद मलूक नागर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण देेश के करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गईं। सरकार को उन्हें रोजगार देने की सोचनी चाहिए, जिससे गरीबों के बच्चों की परवरिश भी आसानी से हो सके। विधेयक में जितनी छूट व्यापारियों को दी गई हैं, कारपोरेट सेक्टर को दी गई है, इस बिल में जितने भी संशोधन किए गए है,ं उनका हम स्वागत करते हैं। मगर मकसद सिर्फ एक ही है कि बेरोजगारों को रोजगार अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सोचती है कि हमने कानून अच्छा बनाया। कांग्रेस ने भी हजारों संशोधन किए थे, लेकिन असलियत में धरातल पर चीजें जस की तस बनी हुई हैं। कहा कि सरकार को असलियत में एक ऐसा मंत्रालय बनाना चाहिए जो सभी मंत्रालयों से कोआर्डिनेट करे, उनके बीच तालमेल बैठाए और एक मंत्रालय जो दूसरे मंत्रालय को कानूनी रूप से मार रहा है। सभी मंत्रालयों के साथ तालमेल बैठाकर देशहित, जनहित किसान, मजदूर व गरीबों के हित में कार्य कर सकें। तभी देश की अर्थव्यवस्था बचेगी और तभी देश में रोजगार पैदा होंगी और लोगों की नौकरियां मिल सकेंगी।
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बिजनौर। बिजनौर लोकसभा सांसद मलूक नागर ने संसद में कंपनी संशोधन विधेयक-2020 पर चर्चा के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के बाद देश व पूरे विश्व में आई आर्थिक मंदी से उबारने के लिए सरकार द्वारा लाया गया कंपनी संशोधन विधेयक-2020 गरीब, मजदूर और कमजोर लोगों के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि देश के पूंजीपतियों और कारपोरेट सेक्टर को उबारने के लिए यह काम किया गया है।
संसद में सवाल पूछने के दौरान सांसद मलूक नागर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण देेश के करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गईं। सरकार को उन्हें रोजगार देने की सोचनी चाहिए, जिससे गरीबों के बच्चों की परवरिश भी आसानी से हो सके। विधेयक में जितनी छूट व्यापारियों को दी गई हैं, कारपोरेट सेक्टर को दी गई है, इस बिल में जितने भी संशोधन किए गए है,ं उनका हम स्वागत करते हैं। मगर मकसद सिर्फ एक ही है कि बेरोजगारों को रोजगार अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सोचती है कि हमने कानून अच्छा बनाया। कांग्रेस ने भी हजारों संशोधन किए थे, लेकिन असलियत में धरातल पर चीजें जस की तस बनी हुई हैं। कहा कि सरकार को असलियत में एक ऐसा मंत्रालय बनाना चाहिए जो सभी मंत्रालयों से कोआर्डिनेट करे, उनके बीच तालमेल बैठाए और एक मंत्रालय जो दूसरे मंत्रालय को कानूनी रूप से मार रहा है। सभी मंत्रालयों के साथ तालमेल बैठाकर देशहित, जनहित किसान, मजदूर व गरीबों के हित में कार्य कर सकें। तभी देश की अर्थव्यवस्था बचेगी और तभी देश में रोजगार पैदा होंगी और लोगों की नौकरियां मिल सकेंगी।
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