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Bijnor News: संयोग या साजिश...फैक्टरी की गर्म राख से उजाड़ दी हरियाली

Sun, 01 Jun 2025 11:56 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 01 Jun 2025 11:56 PM IST
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Coincidence or conspiracy...greenery destroyed by hot ashes of factory
बिजनौर-नूरपुर मार्ग पर गर्म राख से जलकर गिरे पेड़। संवाद
बिजनौर। यह संयोग है या सोची-समझी साजिश... नूरपुर रोड पर एक नई काटी गई कॉलोनी के सामने सड़क किनारे खड़े हरे-भरे पेड़ों को फैक्टरी की गर्म राख डालकर जला दिया गया। जड़ें जल जाने से कई पेड़ टूटकर गिर गए। इनमें बड़े पेड़ों के अलावा ट्री-गार्ड में लगाए गए पौधे भी शामिल हैं।
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नूरपुर रोड पर वन विभाग की नर्सरी के पास संचालित एक ईंट भट्ठे की जमीन पर कॉलोनी काटी गई है। इस कॉलोनी के बाहर नूरपुर रोड के किनारे करीब दस से ज्यादा सीरस और यूकेलिप्टस के पेड़ खड़े थे। इसके अलावा वन विभाग ने ईंटों के बने ट्री-गार्ड में भी पौधे लगाए थे। कुछ दिन पहले यहां पर फैक्टरी की गर्म राख डाल दी गई। कॉलोनी की दीवार से सटाकर सड़क तक यह राख डाली गई है। राख उतनी ही दूरी में डाली गई है, जहां तक कॉलोनी की दीवार है। इससे यहां खड़े पेड़ों की जड़ें जल गईं। कमजोर होकर पेड़ टूटकर गिर गए। जो एक-दो पेड़ बचे हैं वे भी सूख रहे हैं। ट्री गार्ड में लगाए गए पौधे भी जलकर नष्ट हो गए हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि पेड़ों को नष्ट करने के उद्देश्य से ही गर्म राख यहां डलवाई गई। अब यह राख ठंडी हो गई है।
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ईंटों के ट्री गार्ड भी ध्वस्त किए
कॉलोनी के सामने सड़क किनारे पौधे लगाकर ईंटों के ट्री गार्ड बनाए गए थे। इनके पौधे तो गर्म राख से जल गए जबकि ट्री गार्ड भी ध्वस्त कर दिए गए हैं। आशंका है कि राख ढोने वाले वाहनों से ही टक्कर मारकर ट्री गार्ड गिराए गए हों।
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एक कुत्ता भी जलकर मरा
गर्म राख में एक कुत्ता भी जलकर मर गया। कुत्ते का शव राख में ही पड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि जिस समय यह राख डाली गई होगी कुत्ता उसमें चला गया और जलकर मर गया।
वन विभाग को नहीं लगी भनक
जिस कॉलोनी के सामने राख पड़ी है, उससे सटी हुई वन विभाग की नर्सरी है। यहां वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आना-जाना लगा रहता है। सुलगती राख डालकर पेड़ों को जलाने के बाद भी वन विभाग को इसकी भनक नहीं लगी।

दो महीना पहले गर्म राख से हो चुकी है बच्ची की मौत
फैक्टरियों से निकलने वाली गर्म राख बेहद ही खतरनाक होती है। पेड़ पौधा सूखने की बात तो छोड़िए तीन अप्रैल को शहर से सटे गांव पेदी में तीन साल की मासूम अनाबिया की राख में झुलसने से मौत हो गई थी। जबकि उसे बचाने दौड़े पिता तौफीक और मां जैतून झुलस गए थे।


मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी जांच करते हुए कार्रवाई की जाएगी। राख में पेड़ सूखने और पौधे नष्ट होने का गंभीर मामला है, इसकी जांच कराई जाएगी। - महेश गौतम, रेंजर, वन विभाग
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