यूपी चुनाव : नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़े मुद्दे, हर चुनाव में होती है विकास की बड़ी बातें, पढ़िए क्या है पूरा इतिहास
बिजनौर में एक विधानसभा क्षेत्र के बड़े मुद्दे हर बार चुनाव में उठते हैं और फिर बिना समाधान हुए ऐसे ही रह जाते हैं। आइए आज आपको इस सीट का पूरा इतिहास बताते हैं।
विस्तार
बिजनौर में कड़ाके की सर्दी के बीच चुनावी माहौल गर्म है। अब चुनाव आया है तो नूरपुर विधानसभा सीट के विकास की बातें होने लगी हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही सभी मुद्दे फीके पड़ जाते हैं। अस्पताल में सर्जन की तैनाती, नूरपुर में पानी की निकासी और खेल स्टेडियम का मुद्दा सालों पुराना है। चुनाव आते हैं और बीत जाते हैं, लेकिन इन मुद्दों पर गौर नहीं किया गया।
नूरपुर विधानसभा का गठन 1967 में हुआ था। इस सीट पर कांग्रेस के खूब सिंह पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद यह विधानसभा स्योहारा नाम से जानी जाने लगी। 2008 में हुए परिसीमन के बाद नूरपुर विधानसभा फिर अस्तित्व में आई और 2012 में हुए चुनाव में भाजपा के लोकेंद्र चौहान विधायक बने। 2017 में वह फिर से विधायक चुने गए, लेकिन 2018 में सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए उप चुनाव में सपा के नईमुल हसन विधायक चुने गए। नूरपुर विधानसभा से करीब सभी पार्टियों के विधायक रह चुके हैं, लेकिन कुछ समस्याएं हैं, जिनका अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है।
नूरपुर में सीएचसी पर किसी सर्जन की तैनाती आज तक नहीं हुई है, जिसके कारण यह केवल रेफर सेंटर बना हुआ है। नूरपुर, वाया स्योहारा ठाकुरद्वारा रोड पर रामगंगा नदी का पुल बन जाने के बाद आज तक इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू नहीं हुआ है, जबकि कई बार इस मार्ग पर बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई जा चुकी है। क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय और खेल के लिए स्टेडियम बनाने की मांग भी वर्षों से उठ रही है।
बरसात में तालाब बन जाता है नूरपुर
मोहल्ला ब्रह्मपुरी निवासी व्यापारी नेता संदीप जोशी का कहना है कि नूरपुर में कन्या इंटर कॉलेज और खेल के लिए स्टेडियम का निर्माण होना चाहिए। नगर में नालों की पानी की निकासी का बड़ा मुद्दा है जिससे बरसात होते ही नूरपुर नगर तालाब बन जाते हैं, जिससे व्यापारियों को आम जनता को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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स्टेडियम का निर्माण होना जरूरी
मोहल्ला कबीरनगर निवासी मोहित यादव का कहना है कि विधायक की सोच अपने विकास की न होकर क्षेत्र के विकास की होनी चाहिए। क्षेत्र में युवाओं के लिए कहीं भी स्टेडियम नहीं है। हाईवे पर सेना भर्ती के लिए दौड़ लगाते समय अथवा मॉर्निंग वॉक करते समय हमेशा दुर्घटना का भय रहता है।
आसपास में ही मिले युवाओं को रोजगार
व्यापारी नेता तसलीम अहमद का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र में कोई उद्योग न होने से बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग बेरोजगार हैं। क्षेत्र में विधायक को उद्योगों की स्थापना के लिए प्रयास करना चाहिए, जिससे बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सके। इसके अलावा बिजलीघरों की क्षमता कम होने से लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या रहती है। बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाई जानी जरूरी है।
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उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को जाना पड़ता है दूर
मोहल्ला ब्रह्मपुरी निवासी गुड़िया जोशी का कहना है कि क्षेत्र में कोई कन्या महाविद्यालय न होने से छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। ग्राम चांगीपुर में प्रस्तावित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का निर्माण भी शुरू नहीं हुआ है। राजकीय कन्या महाविद्यालय की क्षेत्र में नितांत आवश्यकता है।
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र पर एक नजर...
मतदान केंद्र 212
मतदेय स्थल 376
कुल मतदाता 322419
पुरूष मतदाता 171131
महिला मतदाता 151273
थर्ड जेंडर 15