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गन्ने की प्रेस मड से बनेगी सीएनजी
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अजीत चौधरी
बिजनौर। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के बीच दूसरे विकल्प अपनाने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। जिले की बरकातपुर चीनी मिल गन्ने की प्रेस मड से सीएनजी बनाएगी। सीएनजी जिले व आसपास क्षेत्रों में सीएनजी पंप पर सप्लाई की जाएगी। सीएनजी अपनाने वाले उपभोक्ताओं का सफर सस्ता होगा और इससे प्रदूषण भी कम ही होगा। जल्दी ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल में कुछ पैसों की भी बढ़ोतरी सुर्खियां बन रही थीं। बढ़ते दामों ने जनता को परेशान कर दिया था और इससे महंगाई भी बढ़ गई थी। सरकार ने दीपावली पर पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में कमी की थी, लेकिन अब भी दाम काफी ज्यादा है। जनता के लिए अब भी ये रेट काफी ज्यादा है। इस खर्च से बचने के लिए लोग अब ई-स्कूटी खरीद रहे हैं। वहीं सीएनजी के वाहनों का चलन भी बढ़ा है। जिले में सीएनजी पंप भी आ गए हैं। जिले की बरकातपुर चीनी मिल अब गन्ने के प्रेस मड से सीएनजी बनाने जा रही है। हर रोज करीब चार हजार क्विंटल प्रेस मड से दस हजार घन मीटर सीएनजी बनाई जाएगी और पेट्रोल पंप पर सप्लाई होगी। इससे उपभोक्ताओं को जिले में सीएनजी की भी किल्लत नहीं आएगी और उनका रोजमर्रा का खर्च भी कम हो जाएगा। (संवाद)
यह होता है प्रेस मड
एक क्विंटल गन्ने से चार किलो प्रेस मड निकलता है। इसमें गन्ने के साथ आई मिट्टी, पत्ती, रस में मिठास के अंश, चूना, सल्फर पहले से मिला रहता है। यह एक तरह का खाद या ईंधन ही होता है। इस प्रेस मड से सीएनजी बनाई जा सकती है।
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सीएनजी पड़ता है सस्ता
सीएनजी से वाहन चलाना पेट्रोल पंप और डीजल के मुकाबले सस्ता रहता है। सीएनजी से गाड़ी 30 किमी तक का माइलेज देती है जबकि पेट्रोल और डीजल की से कार दस से 15 तक का। सीएनजी की कीमत जिले में अभी 74 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। जिले में सीएनजी बनने पर यह सस्ती भी हो सकती है।
कर्म खर्च, प्रदूषण भी खत्म
बरकातपुर चीनी मिल के संयुक्त अध्यक्ष नरपत सिंह के अनुसार मिल में जल्दी ही सीएनजी बनाने का काम शुरू होगा। इससे जनता को कार चलाने में कम खर्च आएगा। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी बिलकुल भी हानिकारक नहीं है। इस प्लांट से लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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बिजनौर। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के बीच दूसरे विकल्प अपनाने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। जिले की बरकातपुर चीनी मिल गन्ने की प्रेस मड से सीएनजी बनाएगी। सीएनजी जिले व आसपास क्षेत्रों में सीएनजी पंप पर सप्लाई की जाएगी। सीएनजी अपनाने वाले उपभोक्ताओं का सफर सस्ता होगा और इससे प्रदूषण भी कम ही होगा। जल्दी ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल में कुछ पैसों की भी बढ़ोतरी सुर्खियां बन रही थीं। बढ़ते दामों ने जनता को परेशान कर दिया था और इससे महंगाई भी बढ़ गई थी। सरकार ने दीपावली पर पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में कमी की थी, लेकिन अब भी दाम काफी ज्यादा है। जनता के लिए अब भी ये रेट काफी ज्यादा है। इस खर्च से बचने के लिए लोग अब ई-स्कूटी खरीद रहे हैं। वहीं सीएनजी के वाहनों का चलन भी बढ़ा है। जिले में सीएनजी पंप भी आ गए हैं। जिले की बरकातपुर चीनी मिल अब गन्ने के प्रेस मड से सीएनजी बनाने जा रही है। हर रोज करीब चार हजार क्विंटल प्रेस मड से दस हजार घन मीटर सीएनजी बनाई जाएगी और पेट्रोल पंप पर सप्लाई होगी। इससे उपभोक्ताओं को जिले में सीएनजी की भी किल्लत नहीं आएगी और उनका रोजमर्रा का खर्च भी कम हो जाएगा। (संवाद)
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यह होता है प्रेस मड
एक क्विंटल गन्ने से चार किलो प्रेस मड निकलता है। इसमें गन्ने के साथ आई मिट्टी, पत्ती, रस में मिठास के अंश, चूना, सल्फर पहले से मिला रहता है। यह एक तरह का खाद या ईंधन ही होता है। इस प्रेस मड से सीएनजी बनाई जा सकती है।
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सीएनजी पड़ता है सस्ता
सीएनजी से वाहन चलाना पेट्रोल पंप और डीजल के मुकाबले सस्ता रहता है। सीएनजी से गाड़ी 30 किमी तक का माइलेज देती है जबकि पेट्रोल और डीजल की से कार दस से 15 तक का। सीएनजी की कीमत जिले में अभी 74 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। जिले में सीएनजी बनने पर यह सस्ती भी हो सकती है।
कर्म खर्च, प्रदूषण भी खत्म
बरकातपुर चीनी मिल के संयुक्त अध्यक्ष नरपत सिंह के अनुसार मिल में जल्दी ही सीएनजी बनाने का काम शुरू होगा। इससे जनता को कार चलाने में कम खर्च आएगा। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी बिलकुल भी हानिकारक नहीं है। इस प्लांट से लोगों को रोजगार भी मिलेगा।