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बादल और तेज हवा के झोंकों ने बढ़ाई ठंड
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बादल और तेज हवा के झोंकों ने बढ़ाई ठंड
बिजनौर। बादल और हवा के झोंकों से लगातार जिले में पारा गिरता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान लगातार दस डिग्री सेल्सियस से कम चल रहा है। सहालग के समय में पारा गिरने से दुकानों पर गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है।
इस पूरे सप्ताह में सर्दी अपना पूरा रंग दिखा रही है। पहले शीतलहर चली, फिर पाला ने ठंडक बढ़ाई। अब बादलों की वजह से मौसम में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। बादलों को देखकर किसान भी गेहूं बोने में पूूूूरी चौकसी बरत रहे हैं। बुधवार को लगभग पूरा दिन आसमान में घने बादल छाए रहे। कुछ देर के लिए ही धूप निकली। बादल छाने के साथ साथ हवा के ठंडे झोंके भी तेजी से चल रहे हैं। सहालग के समय पर ही ठंड बढ़ गई है। रात को बरात में जाने वाले लोग भी सतर्कता बरत रहे हैं। दुकानदार विकास सेतिया का कहना है कि अभी तो ठंड शुरू ही हुई है। ठंड के बढ़ने के साथ साथ बिक्री भी बढ़ती रहेगी। कृषि वैज्ञानिक केके सिंह का कहना है कि बारिश से गेहूं बोने की तैयारी में लगे किसानों को ही थोड़ी परेशानी आ सकती है। पाले से फसलों को ज्यादा नुकसान होता है।
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बिजनौर। बादल और हवा के झोंकों से लगातार जिले में पारा गिरता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान लगातार दस डिग्री सेल्सियस से कम चल रहा है। सहालग के समय में पारा गिरने से दुकानों पर गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है।
इस पूरे सप्ताह में सर्दी अपना पूरा रंग दिखा रही है। पहले शीतलहर चली, फिर पाला ने ठंडक बढ़ाई। अब बादलों की वजह से मौसम में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। बादलों को देखकर किसान भी गेहूं बोने में पूूूूरी चौकसी बरत रहे हैं। बुधवार को लगभग पूरा दिन आसमान में घने बादल छाए रहे। कुछ देर के लिए ही धूप निकली। बादल छाने के साथ साथ हवा के ठंडे झोंके भी तेजी से चल रहे हैं। सहालग के समय पर ही ठंड बढ़ गई है। रात को बरात में जाने वाले लोग भी सतर्कता बरत रहे हैं। दुकानदार विकास सेतिया का कहना है कि अभी तो ठंड शुरू ही हुई है। ठंड के बढ़ने के साथ साथ बिक्री भी बढ़ती रहेगी। कृषि वैज्ञानिक केके सिंह का कहना है कि बारिश से गेहूं बोने की तैयारी में लगे किसानों को ही थोड़ी परेशानी आ सकती है। पाले से फसलों को ज्यादा नुकसान होता है।
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