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बुखार, नजला-जुकाम के बढ़ रहे रोगी
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नजीबाबाद/नांगलसोती। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुखार, नजला-जुकाम और खांसी के बड़ी संख्या में रोगी प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
नांगलसोती, जीतपुर खास, शहजादपुर, खानपुर, मायापुरी, तिसोतरा, हरचंदपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित मरीज झोलाछाप चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं। सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा न मिलने से रोगियों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां महंगे इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
संक्रमण के दौर में प्राइवेट चिकित्सक कई-कई दिन बुखार से पीड़ितों का बिना कोविड जांच करवाए उपचार दे रहे हैं, जिससे अनेक मरीजों की हालत बिगड़ती जा रही है। रोगी स्वयं भी कोरोना की जांच कराने से डर रहे हैं।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नांगलसोती के चिकित्सक डा.राय साहब का कहना है कि संक्रमण के दौर में वायरल बुखार आदि मामलों में भी रोगी को कोविड जांच करा लेनी चाहिए ताकि संक्रमण होने पर उसके फैलाव और रोगी की जान को खतरा उत्पन्न न हो।
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नांगलसोती, जीतपुर खास, शहजादपुर, खानपुर, मायापुरी, तिसोतरा, हरचंदपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित मरीज झोलाछाप चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं। सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा न मिलने से रोगियों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां महंगे इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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संक्रमण के दौर में प्राइवेट चिकित्सक कई-कई दिन बुखार से पीड़ितों का बिना कोविड जांच करवाए उपचार दे रहे हैं, जिससे अनेक मरीजों की हालत बिगड़ती जा रही है। रोगी स्वयं भी कोरोना की जांच कराने से डर रहे हैं।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नांगलसोती के चिकित्सक डा.राय साहब का कहना है कि संक्रमण के दौर में वायरल बुखार आदि मामलों में भी रोगी को कोविड जांच करा लेनी चाहिए ताकि संक्रमण होने पर उसके फैलाव और रोगी की जान को खतरा उत्पन्न न हो।