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कागजों में सफाई, मौके पर गंदगी से अटे मिले नाले
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नूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पैजनियां में सफाई करती जेसीबी।
- फोटो : BIJNOR
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कागजों में सफाई, मौके पर गंदगी से अटे मिले नाले
बिजनौर। अधिकारियों के दौरों से पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन अभियान की पोल खुल रही है। गांवों के नाली, नाले गंदगी से अटे हैं। सड़ा पानी सड़कों पर फैल रहा है। सफाई कर्मचारियों पर प्रधानों के निजी काम करने व गांवों में नहीं आने के आरोप लग रहे हैं। डीएम पंचायतों में सफाई की बदतर व्यवस्था की शिकायतों को लेकर खफा हैं।
डीपीआरओ सतीश कुमार पंचायतों में गांव-गांव जा रहे हैं। उन्हें गांवों के गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे मिल रहे हैं। पानी निकासी के नाले अटे होने से गंदा पानी रास्तों में भरा है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि प्रधानों ने सफाई कर्मियों को अपने निजी कामों में लगा रखा है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सफाई कर्मियों पर बदसलूकी करने के आरोप लगा रहे हैं। पंचायत सचिव लोकल है, आरोप है कि शिकायत करने वालों का जबरन मुंह बंद करा दिया जाता है। डीपीआरओ के मुताबिक डीएम उमेश मिश्रा शिकायतों को लेकर गंभीर हैं। डीएम के निर्देश पर रैंडम चेकिंग हो रही है। मोहम्मदपुर देवमल, स्योहारा तथा हल्दौर ब्लॉक की पंचायतों के निरीक्षण में खामियां सामने आई है। कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
व्यवस्था दुरुस्त करने को दिया 15 दिन का समय
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि पंचायतों में साफ सफाई नहीं मिलने पर कार्रवाई हो रही है। पांच सफाई कर्मचारी निलंबित किए गए हैं। पंचायत सचिवों व प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। जल्द ही कुछ और सफाई कर्मचारी व सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। सफाई कर्मचारियों व पंचायत सचिवों को नालों की सफाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर टीम बनाकर गांव-गांव निरीक्षण होगा।
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बिजनौर। अधिकारियों के दौरों से पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन अभियान की पोल खुल रही है। गांवों के नाली, नाले गंदगी से अटे हैं। सड़ा पानी सड़कों पर फैल रहा है। सफाई कर्मचारियों पर प्रधानों के निजी काम करने व गांवों में नहीं आने के आरोप लग रहे हैं। डीएम पंचायतों में सफाई की बदतर व्यवस्था की शिकायतों को लेकर खफा हैं।
डीपीआरओ सतीश कुमार पंचायतों में गांव-गांव जा रहे हैं। उन्हें गांवों के गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे मिल रहे हैं। पानी निकासी के नाले अटे होने से गंदा पानी रास्तों में भरा है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि प्रधानों ने सफाई कर्मियों को अपने निजी कामों में लगा रखा है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सफाई कर्मियों पर बदसलूकी करने के आरोप लगा रहे हैं। पंचायत सचिव लोकल है, आरोप है कि शिकायत करने वालों का जबरन मुंह बंद करा दिया जाता है। डीपीआरओ के मुताबिक डीएम उमेश मिश्रा शिकायतों को लेकर गंभीर हैं। डीएम के निर्देश पर रैंडम चेकिंग हो रही है। मोहम्मदपुर देवमल, स्योहारा तथा हल्दौर ब्लॉक की पंचायतों के निरीक्षण में खामियां सामने आई है। कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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व्यवस्था दुरुस्त करने को दिया 15 दिन का समय
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि पंचायतों में साफ सफाई नहीं मिलने पर कार्रवाई हो रही है। पांच सफाई कर्मचारी निलंबित किए गए हैं। पंचायत सचिवों व प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। जल्द ही कुछ और सफाई कर्मचारी व सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। सफाई कर्मचारियों व पंचायत सचिवों को नालों की सफाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर टीम बनाकर गांव-गांव निरीक्षण होगा।
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