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बिना जांच के ही बना दिया जाति प्रमाण पत्र
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बिना जांच के ही बना दिया जाति प्रमाण पत्र
धामपुर। बगैर जाति तस्दीक किए ही राजस्व विभाग ने मोहम्मदपुर वीरू गांव निवासी शाहीन का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। बताया गया कि महिला मुंबई की निवासी है। उसने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसमें उसने अपनी जाति कुरैशी पिछड़ी जाति लिखी थी। राजस्व विभाग की ओर से मुंबई से रिपोर्ट मांगी गई। लेकिन वहां से जाति तस्दीक होकर नहीं आई। इसी बीच गैर हलके के लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट लगा कर महिला का प्रमाण पत्र जारी करा दिया। मामले का खुलासा होने पर तहसीलदार आरसी चौहान ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। उसी जाति प्रमाण पत्र पर महिला प्रधान पद का चुनाव लड़ रही है।
मुुंबई निवासी शाहीन की शादी मोहम्मदपुर वीरू निवासी सलीम के साथ हुई है। ग्राम सभा वाजिदपुर वीरू की प्रधान पद की सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित है। शाहीन ने ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन कराया। उसमें जाति प्रमाण पत्र का होना जरूरी था। शाहीन ने जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन हलके के लेखपाल अजीत कुमार ने आवेदन के पोर्टल पर आने के बाद जांच शुरू की तो ग्रामीण उसकी जाति नहीं बता सके। मुंबई से भी जब उसकी जाति का पता नहीं चला तो लेखपाल अजीत कुमार नेे दो बार महिला के आवेदन को निरस्त कर दिया।
इसी दौरान मोहम्मदपुर वीरू हलके के पूर्व में रहे लेखपाल नवाबुद्दीन, जो अब वर्तमान में चकराजमल हलके में कार्यरत हैं, उन्होंने महिला की जाति कुरैशी, पिछड़ा वर्ग होने की रिपोर्ट लगा दी और तहसीलदार से जाति प्रमाण पत्र जारी करा दिया। मामले की शिकायत डीएम से की गई। डीएम के आदेश पर तहसीलदार ने जारी किए प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया। इससे पहले ही महिला चुनाव में नामांकन कर चुकी है और उसे चुनाव चिह्न भी आवंटित हो चुका है। महिला निरस्त हुए जाति प्रमाण पत्र के आधार पर ही चुनाव लड़ रही है।
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लेखपाल, नायब नाजिर होंगे निलंबित : तहसीलदार
तहसीलदार आरसी चौहान ने इस मामले में लेखपाल नवाबुद्दीन और नायब नाजिर सचिन कुमार जिम्मेदार माना है। तहसीलदार का कहना है कि उनके द्वारा इन दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए एसडीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। यदि लेखपाल गलत रिपोर्ट न लगाता और नायब नाजिर सही से देख लेता तो कदापि शाहीन का जाति प्रमाण पत्र ऐसे हालात में जारी न होता। वहीं, नायब नाजिर सचिन कुमार ने लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि जब हलके लेखपाल ने दो बार आवेदन को निरस्त कर दिया था तो उनके द्वारा तहसीलदार आरसी चौहान को इस बाबत बता दिया गया था। बावजूद इसके जाति प्रमाण पत्र जारी कैसे हो गया उन्हें नहीं पता।
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धामपुर। बगैर जाति तस्दीक किए ही राजस्व विभाग ने मोहम्मदपुर वीरू गांव निवासी शाहीन का जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। बताया गया कि महिला मुंबई की निवासी है। उसने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसमें उसने अपनी जाति कुरैशी पिछड़ी जाति लिखी थी। राजस्व विभाग की ओर से मुंबई से रिपोर्ट मांगी गई। लेकिन वहां से जाति तस्दीक होकर नहीं आई। इसी बीच गैर हलके के लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट लगा कर महिला का प्रमाण पत्र जारी करा दिया। मामले का खुलासा होने पर तहसीलदार आरसी चौहान ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। उसी जाति प्रमाण पत्र पर महिला प्रधान पद का चुनाव लड़ रही है।
मुुंबई निवासी शाहीन की शादी मोहम्मदपुर वीरू निवासी सलीम के साथ हुई है। ग्राम सभा वाजिदपुर वीरू की प्रधान पद की सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित है। शाहीन ने ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन कराया। उसमें जाति प्रमाण पत्र का होना जरूरी था। शाहीन ने जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन हलके के लेखपाल अजीत कुमार ने आवेदन के पोर्टल पर आने के बाद जांच शुरू की तो ग्रामीण उसकी जाति नहीं बता सके। मुंबई से भी जब उसकी जाति का पता नहीं चला तो लेखपाल अजीत कुमार नेे दो बार महिला के आवेदन को निरस्त कर दिया।
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इसी दौरान मोहम्मदपुर वीरू हलके के पूर्व में रहे लेखपाल नवाबुद्दीन, जो अब वर्तमान में चकराजमल हलके में कार्यरत हैं, उन्होंने महिला की जाति कुरैशी, पिछड़ा वर्ग होने की रिपोर्ट लगा दी और तहसीलदार से जाति प्रमाण पत्र जारी करा दिया। मामले की शिकायत डीएम से की गई। डीएम के आदेश पर तहसीलदार ने जारी किए प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया। इससे पहले ही महिला चुनाव में नामांकन कर चुकी है और उसे चुनाव चिह्न भी आवंटित हो चुका है। महिला निरस्त हुए जाति प्रमाण पत्र के आधार पर ही चुनाव लड़ रही है।
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लेखपाल, नायब नाजिर होंगे निलंबित : तहसीलदार
तहसीलदार आरसी चौहान ने इस मामले में लेखपाल नवाबुद्दीन और नायब नाजिर सचिन कुमार जिम्मेदार माना है। तहसीलदार का कहना है कि उनके द्वारा इन दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए एसडीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। यदि लेखपाल गलत रिपोर्ट न लगाता और नायब नाजिर सही से देख लेता तो कदापि शाहीन का जाति प्रमाण पत्र ऐसे हालात में जारी न होता। वहीं, नायब नाजिर सचिन कुमार ने लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि जब हलके लेखपाल ने दो बार आवेदन को निरस्त कर दिया था तो उनके द्वारा तहसीलदार आरसी चौहान को इस बाबत बता दिया गया था। बावजूद इसके जाति प्रमाण पत्र जारी कैसे हो गया उन्हें नहीं पता।