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अतिरिक्त शुल्क लेने के बाद भी बंदी का दबाव

Fri, 18 Sep 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 12:24 AM IST
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Captive pressure even after taking extra charge
अतिरिक्त शुल्क लेने के बाद भी बंदी का दबाव
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नजीबाबाद। श्रम विभाग को पंजीकरण शुल्क 60 प्रतिशत अधिक अदा करने के बावजूद साप्ताहिक बंदी से छूट न मिलने पर व्यापारियों में रोष है। कोविड-19 दौर से पूर्व नजीबाबाद के करीब 80 व्यापारियों ने सरकार की साप्ताहिक बंदी से छूट देने की योजना के अंतर्गत श्रम विभाग को 60 प्रतिशत अधिक शुल्क अदा कर अपना पंजीकरण कराया था। श्रम विभाग के अंतर्गत अलग-अलग कारोबार के लिए व्यापारियों को अलग-अलग निर्धारित शुल्क देकर पंजीकरण कराना होता है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय नेता शिव कुमार माहेश्वरी, पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल की प्रदेश उपाध्यक्ष आयशा सिद्दीकी, व्यापारी नेता रुचिर अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल ने साप्ताहिक बंदी से मुक्ति के लिए अतिरिक्त शुल्क देकर पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों से कारोबार बंद रखने के दबाव को नियम विरुद्ध बताते हुए रोष व्यक्त किया। व्यापारी नेताओं का कहना है कि कोविड-19 दौर में व्यापारी सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करते आए हैं। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से ऐसे व्यापारियों को साप्ताहिक बंदी से तत्काल छूट देने की मांग की है। जिन्होंने साप्ताहिक बंदी से छूट के लिए 60 प्रतिशत अधिक शुल्क देकर व्यापार संबंधी पंजीकरण कराया है।
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गाइडलाइन का पालन कर चला सकते हैं कारोबार
नजीबाबाद। श्रम कल्याण अधिकारी अरविंद धीमान ने साप्ताहिक बंदी से मुक्ति का शुल्क देने वाले व्यापारियों से साप्ताहिक बंदी पर जिला प्रशासन की गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए बंदी के दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठान खोलने की सलाह दी। सामान्य कारोबारी साप्ताहिक का पालन करेंगे।
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