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वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने को मंजूपुरा के जंगल में लगाया पिंजरा, ग्रामीणों के साथ गुलदार को पकड़ने का प्रयास
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गुलदार को पकड़ने को मंजूपुरा के जंगल में लगाया पिंजरा
धामपुर। गांव मंजूपुरा मेें गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से प्रयास शुरू कर दिए हैं। वन दरोगा लक्ष्मीचंद ने ग्रामीणों को साथ लेकर सोमवार को गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया। जंगल में पिंजरा लगा दिया गया है।
गांव मंजूपुरा में कई दिनों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। शनिवार शाम गुलदार गांव के शिवकुमार के पांच साल के पुत्र प्रिंस को तब उठाकर ले गया था। जब वह अपनी मां के साथ जा रहा था। ग्रामीणों की घेराबंदी करने से गुलदार बालक को छोड़ भाग गया था। बालक के सिर और गले पर गहरे जख्म हैं। सोमवार को वन दारोगा ने गांव में जाकर बालक की कुशलता की जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया। उनके स्तर से जो भी मदद हो सकेगी। उसे कराने का भरसक प्रयास करेंगे। गांव में गुलदार को पकड़ने को पिंजरा लगा दिया गया था। रात में पिंजरे के भीतर बकरी को बांधा गया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों का पूरा सहयोग कर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। उधर गांव तिपरजोत में भी ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में तो गुलदार कई कुत्तों को निवाला बना चुका है। शोर मचाने के बाद भी वन विभाग गुलदार को पकड़ने में असफल है।
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धामपुर। गांव मंजूपुरा मेें गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से प्रयास शुरू कर दिए हैं। वन दरोगा लक्ष्मीचंद ने ग्रामीणों को साथ लेकर सोमवार को गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया। जंगल में पिंजरा लगा दिया गया है।
गांव मंजूपुरा में कई दिनों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। शनिवार शाम गुलदार गांव के शिवकुमार के पांच साल के पुत्र प्रिंस को तब उठाकर ले गया था। जब वह अपनी मां के साथ जा रहा था। ग्रामीणों की घेराबंदी करने से गुलदार बालक को छोड़ भाग गया था। बालक के सिर और गले पर गहरे जख्म हैं। सोमवार को वन दारोगा ने गांव में जाकर बालक की कुशलता की जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया। उनके स्तर से जो भी मदद हो सकेगी। उसे कराने का भरसक प्रयास करेंगे। गांव में गुलदार को पकड़ने को पिंजरा लगा दिया गया था। रात में पिंजरे के भीतर बकरी को बांधा गया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों का पूरा सहयोग कर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। उधर गांव तिपरजोत में भी ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में तो गुलदार कई कुत्तों को निवाला बना चुका है। शोर मचाने के बाद भी वन विभाग गुलदार को पकड़ने में असफल है।
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