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Bijnor News: बिजनौर - सबसे कम उपज वाले गांव में होगा फसलों का बंपर उत्पादन
Sun, 15 Jan 2023 11:23 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 15 Jan 2023 11:23 PM IST
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-जिले के 22 गांव की सुधारी जाएगी मिट्टी की सेहत
-योजना में हर ब्लाक के ऐसे दो गांव का होगा चयन
ब्रजवीर चौधरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अब किसी भी गांव की जमीन कम उपजाऊ नहीं रहेगी। वजह, कृषि विभाग ऐसे गांव का चयन कर उसकी कार्ययोजना बना रहा है। सबसे कम उत्पादन वाले गांवों की कृषि जमीन के नमूने लेकर उसके परिणाम के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग एवं खेती का उपचार कर उपजाऊ बनाया जाएगा। इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लॉक से दो दो कम उपजाऊ वाले गांव का चयन किया जाएगा।
योजना के तहत इन गांवों की जमीन के मृदा परीक्षण के लिए नमूने लिए जाएंगे। मृदा नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के उपरांत उन गांवों के किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किए जाएंगे। साथ ही इन चयनित गांवों में गोष्ठी, बैठक कर कृषि अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ किसानों को जमीन की उर्वरक शक्ति बढ़ाने के लिए जागरूक करेंगे। अधिक उत्पादन बढ़ाने के लिए खेती को आधुनिक तकनीकी विधि कर उत्पादन बढ़ाने के टिप्स देंगे। कृषि विभाग ऐसा गांवों की की कार्य योजना बना रहा है। योजना का उद्देश्य है कि जनपद के किसी भी गांव की जमीन में कम उत्पादन नहीं होना चाहिए। खेती में फसलों का अच्छा उत्पादन होने से किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण व्यवस्था खुशहाल होगी। भूमि परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष देशराज सिंह का कहना है कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के तहत आगे के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इस योजना में सबसे कम उत्पादन वाले गांव के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
रबी सीजन में लिए 9775 नमूने, जांच को भेजें
विभाग के अनुसार शासन के निर्देश पर रबी सीजन में कृषि विभाग की ओर से जिले में 9775 जमीन के नमूने लिए गए। उन्हें मृदा परीक्षण के लिए लैब भेज दिए। जांच परिणाम के बाद किसानों को मृदा परीक्षण स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएंगे।
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बोले अफसर
सबसे कम फसलों का उत्पादन लेने वाले गांवों का चयन की प्रक्रिया चल रही है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के तहत ऐसे गांवों की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
-गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक
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-योजना में हर ब्लाक के ऐसे दो गांव का होगा चयन
ब्रजवीर चौधरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अब किसी भी गांव की जमीन कम उपजाऊ नहीं रहेगी। वजह, कृषि विभाग ऐसे गांव का चयन कर उसकी कार्ययोजना बना रहा है। सबसे कम उत्पादन वाले गांवों की कृषि जमीन के नमूने लेकर उसके परिणाम के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग एवं खेती का उपचार कर उपजाऊ बनाया जाएगा। इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लॉक से दो दो कम उपजाऊ वाले गांव का चयन किया जाएगा।
योजना के तहत इन गांवों की जमीन के मृदा परीक्षण के लिए नमूने लिए जाएंगे। मृदा नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के उपरांत उन गांवों के किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किए जाएंगे। साथ ही इन चयनित गांवों में गोष्ठी, बैठक कर कृषि अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ किसानों को जमीन की उर्वरक शक्ति बढ़ाने के लिए जागरूक करेंगे। अधिक उत्पादन बढ़ाने के लिए खेती को आधुनिक तकनीकी विधि कर उत्पादन बढ़ाने के टिप्स देंगे। कृषि विभाग ऐसा गांवों की की कार्य योजना बना रहा है। योजना का उद्देश्य है कि जनपद के किसी भी गांव की जमीन में कम उत्पादन नहीं होना चाहिए। खेती में फसलों का अच्छा उत्पादन होने से किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण व्यवस्था खुशहाल होगी। भूमि परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष देशराज सिंह का कहना है कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के तहत आगे के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इस योजना में सबसे कम उत्पादन वाले गांव के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
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रबी सीजन में लिए 9775 नमूने, जांच को भेजें
विभाग के अनुसार शासन के निर्देश पर रबी सीजन में कृषि विभाग की ओर से जिले में 9775 जमीन के नमूने लिए गए। उन्हें मृदा परीक्षण के लिए लैब भेज दिए। जांच परिणाम के बाद किसानों को मृदा परीक्षण स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएंगे।
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बोले अफसर
सबसे कम फसलों का उत्पादन लेने वाले गांवों का चयन की प्रक्रिया चल रही है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम के तहत ऐसे गांवों की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
-गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक