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आईटीआई में खरीदे गए सामान के रेट व क्वालिटी संदेह के घेरे में
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बिजनौर। आईटीआई अफजलगढ़ में खरीदे गए सामान की क्वालिटी व रेट को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रथम दृष्टया जांच में खरीदे गए सामान के रेट व बाजार के रेट में अंतर मिला है। आईटीआई के लिए 71 लाख से अधिक का सामान खरीद गया है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
अफजलगढ में राजकीय आईटीआई बन रहा है, जिसके भवन का अभी हस्तांतरण नहीं हुआ है। आईटीआई अफजलगढ़ के लिए आवंटित अभ्यर्थियों के दाखिले राजकीय आईटीआई बिजनौर में होते हैं । राजकीय आईटीआई अफजलगढ़ में कक्षाएं शुरू करने की मांग शासन तक मांग पहुंची। जिस पर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की 12 वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत राजकीय आईटीआई अफजलगढ के सामान क्रय हेतु 71.50 लाख आवंटित हुए।
इस पैसे से छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर, बिजली उपकरण आदि 88 प्रकार का सामान खरीदा गया। सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य ने उपभोग प्रमाण पत्र प्रेषित किए जाने हेतु पत्रावली प्रस्तुत की। जिस पर सीडीओ ने आईटीआई बिजनौर में जाकर खरीदे गए सामान के सैंपल देखे और सामान के रेट की जांच की।
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बाजार भाव से तीन से चार गुना रेट पर खरीदा सामान
सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार प्रशिक्षणार्थी के बैठने के लिए क्रय की गई मेज कुर्सी, इंटैक्टिव बोर्ड, रेफ्रिजरेटर, आदि सामान देखा गया। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि जैम पोर्टल पर दर्शाए गए मूल्य मार्केट मूल्य से तीन से चार गुना अधिक है। अधिकतर सामान मुजफ्फरनगर की दो फर्मों से ही खरीदा गया। सैंपल जांच में यह पाया गया कि पैनासोनिक के दो रैफ्रिजेटर का आर्डर दिया गया है। एक की कीमत 1,48,500 रुपए है। जबकि संबंधित फर्म द्वारा उपलब्ध कराया रैफ्रिजेटर व्हर्लपूल कंपनी का है। जो बाजार में लगभग 32,000 रुपए का है। इसी प्रकार अन्य सामान की कीमतों में भी अंतर है।
क्रय किए सामान की जांच को बनी समिति
सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार आईटीआई अफजलगढ़ के लिए क्रय किए गए सामान की क्रय मूल्य व बाजार मूल्य से जांच कराने हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, वरिष्ठ कोषाधिकारी बिजनौर, तथा उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र शामिल हैं। माना जा रहा है कि मामले में कुछ लोगों पर गाज गिर सकती है
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अफजलगढ में राजकीय आईटीआई बन रहा है, जिसके भवन का अभी हस्तांतरण नहीं हुआ है। आईटीआई अफजलगढ़ के लिए आवंटित अभ्यर्थियों के दाखिले राजकीय आईटीआई बिजनौर में होते हैं । राजकीय आईटीआई अफजलगढ़ में कक्षाएं शुरू करने की मांग शासन तक मांग पहुंची। जिस पर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की 12 वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत राजकीय आईटीआई अफजलगढ के सामान क्रय हेतु 71.50 लाख आवंटित हुए।
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इस पैसे से छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर, बिजली उपकरण आदि 88 प्रकार का सामान खरीदा गया। सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य ने उपभोग प्रमाण पत्र प्रेषित किए जाने हेतु पत्रावली प्रस्तुत की। जिस पर सीडीओ ने आईटीआई बिजनौर में जाकर खरीदे गए सामान के सैंपल देखे और सामान के रेट की जांच की।
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बाजार भाव से तीन से चार गुना रेट पर खरीदा सामान
सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार प्रशिक्षणार्थी के बैठने के लिए क्रय की गई मेज कुर्सी, इंटैक्टिव बोर्ड, रेफ्रिजरेटर, आदि सामान देखा गया। प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि जैम पोर्टल पर दर्शाए गए मूल्य मार्केट मूल्य से तीन से चार गुना अधिक है। अधिकतर सामान मुजफ्फरनगर की दो फर्मों से ही खरीदा गया। सैंपल जांच में यह पाया गया कि पैनासोनिक के दो रैफ्रिजेटर का आर्डर दिया गया है। एक की कीमत 1,48,500 रुपए है। जबकि संबंधित फर्म द्वारा उपलब्ध कराया रैफ्रिजेटर व्हर्लपूल कंपनी का है। जो बाजार में लगभग 32,000 रुपए का है। इसी प्रकार अन्य सामान की कीमतों में भी अंतर है।
क्रय किए सामान की जांच को बनी समिति
सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार आईटीआई अफजलगढ़ के लिए क्रय किए गए सामान की क्रय मूल्य व बाजार मूल्य से जांच कराने हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, वरिष्ठ कोषाधिकारी बिजनौर, तथा उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग व उद्यम प्रोत्साहन केंद्र शामिल हैं। माना जा रहा है कि मामले में कुछ लोगों पर गाज गिर सकती है