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गंगा में डूबे दोनों भाइयों के शव मिले
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गंगा में डूबे दोनों भाइयों के शव मिले
बिजनौर। गंगा में डूबकर दो भाइयों की मौत हो गई। जिनके शव एनडीआरएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को बरामद कर लिए हैं। लगातार तीन दिनों से गोताखोर इनकी तलाश में लगे हुए थे। दोनों के शव बरामद होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों भाई दादी के अंतिम संस्कार के बाद नहाते हुए गंगा में डूब गए थे।
बुधवार की देर शाम एनडीआरएफ की टीम ने सिद्धार्थ का शव गंगा में ढूंढ निकाला। जबकि उसके बड़े भाई नरदेव का शव बृहस्पतिवार की तड़के बरामद हुआ। बता दें कि सोमवार को चांदपुर के मोहल्ला सराय रफी निवासी रामरती की मौत के बाद परिवार वाले अंतिम संस्कार करने गंगा बैराज पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के बाद वृद्धा के पोते नरदेव (28) पुुत्र महेंद्र और उसकेे चचेरा भाई सिद्धार्थ (15) पुत्र बनवारी नहाते हुए गंगा में डूब गए। गोताखोर दोनों भाइयों की तलाश कर रहे थे। बुधवार की दोपहर एनडीआरएफ की टीम पर गंगा बैराज पहुंच गई। पीएसी के गोताखोरों ने भी दोनों भाइयों को गंगा में तलाश किया था। बुधवार की शाम सिद्धार्थ का शव गंगा बैराज से दो सौ मीटर दूर मिला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
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बिजनौर। गंगा में डूबकर दो भाइयों की मौत हो गई। जिनके शव एनडीआरएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को बरामद कर लिए हैं। लगातार तीन दिनों से गोताखोर इनकी तलाश में लगे हुए थे। दोनों के शव बरामद होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों भाई दादी के अंतिम संस्कार के बाद नहाते हुए गंगा में डूब गए थे।
बुधवार की देर शाम एनडीआरएफ की टीम ने सिद्धार्थ का शव गंगा में ढूंढ निकाला। जबकि उसके बड़े भाई नरदेव का शव बृहस्पतिवार की तड़के बरामद हुआ। बता दें कि सोमवार को चांदपुर के मोहल्ला सराय रफी निवासी रामरती की मौत के बाद परिवार वाले अंतिम संस्कार करने गंगा बैराज पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के बाद वृद्धा के पोते नरदेव (28) पुुत्र महेंद्र और उसकेे चचेरा भाई सिद्धार्थ (15) पुत्र बनवारी नहाते हुए गंगा में डूब गए। गोताखोर दोनों भाइयों की तलाश कर रहे थे। बुधवार की दोपहर एनडीआरएफ की टीम पर गंगा बैराज पहुंच गई। पीएसी के गोताखोरों ने भी दोनों भाइयों को गंगा में तलाश किया था। बुधवार की शाम सिद्धार्थ का शव गंगा बैराज से दो सौ मीटर दूर मिला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
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