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किसान के हाथ आई धान की काली फसल

Tue, 26 Oct 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:21 AM IST
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Black crop of paddy came in the hands of the farmer
अफजलगढ़ के गांव आलमपुर गांवड़ी में बारिश में भीगकर काला हुआ धान। - फोटो : BIJNOR
किसान के हाथ आई धान की काली फसल
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बिजनौर। बारिश का असर धान की फसल अब दिखने लगा है। बारिश के पानी में डूबा रहा धान काला पड़ गया है। काले धान के बाजार में किसानों को बहुत कम दाम मिलेंगे। अब धान की बिक्री व्यापारियों की मर्जी पर निर्भर रहेगी। धान के दाम आधे से भी कम ही मिलेंगे। काले पड़ चुके धान को सुखाने में भी किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
जिले में धान का रकबा 55 हजार हेक्टेयर से अधिक रहता है। बीते सप्ताह धान, उड़द और बाकी फसलों पर बारिश आफत बनकर बरसी। सब्जी और सरसों की फसल तो दोबारा खेत में बोई जा सकती हैं, लेकिन धान और उड़द की फसल तैैयार थी। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। धान की फसल बारिश और तेज हवा में गिर गई। तीन दिन तक हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया और फसल डूब गई। फसल डूबने की वजह से धान का दाना काला होने का अनुमान लगाया जा रहा था और ऐसा हो भी गया। कई जगह खेतों में पानी भरा है। किसी तरह फसल काटकर छिताई हो रही है। जीतोड़ मेेहनत और लागत निकालने के बाद भी किसानों के हाथ में धान के काले दाने ही आए हैं। यह धान बेचने में किसानों को एड़ीचोटी का जोर लगाना पड़ेगा। गांव अलियारपुर, भज्जावाला के किसानों महिपाल सिंह, रामपाल, सोहन सिंह आदि किसी तरह फसल छितवाकर सड़क पर सूखा रहे हैं। उनका कहना है कि धान काला हो गया है। पता नहीं बाजार में धान के क्या दाम मिलेंगे।
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अच्छे दाम पर बिक रहा था धान
सरकारी क्रय केंद्रों पर केवल मोटा धान खरीदा जाता है। इसके दाम 1940 से 1960 रुपये प्रति क्विंटल है। शरबती और बासमती धान खुले बाजार में बिकता है। बारिश से पहले तक शरबती 1900 और बासमती 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था। अभी बारिश के बाद का धान बाजार में नहीं आया है।
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मानकों के अनुसार होगी खरीदारी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अमित द्विवेदी के अनुसार मानकों के अनुसार धान खरीदा जाएगा। अभी बारिश के पहले का धान केंद्रों पर आ रहा है।
नहीं खरीदेंगे काला धान
व्यापारी बाबर अली के अनुसार काले धान की कोई खरीदारी नहीं होती है। इसका दाना भी टूटता है। अगर उनके पास काला धान आया तो वे उसे नहीं खरीदेंगे।

अफजलगढ़ के गांव आलमपुर गांवड़ी में बारिश के बाद धान सुखाते ग्रामीण।

अफजलगढ़ के गांव आलमपुर गांवड़ी में बारिश के बाद धान सुखाते ग्रामीण।- फोटो : BIJNOR

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