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Bijnor: पालिका के कूड़ेदान में जा रहा अस्पतालों का बायोबेस्ट, तीन पर लगा जुर्माना
Thu, 03 Nov 2022 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2022 12:03 AM IST
सार
बिजनौर के अस्पतालों में बायोवेस्ट डालने पर शहर के दो प्रतिष्ठित अस्पतालों पर जुर्माना लगाया गया है। पालिका और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बायोवेस्ट को लेकर कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए जिले में तीन कंपनियां काम कर रही हैं।
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बिजनौर में बायो मेडिकल बेस्ट को लेकर निरीक्षण करती पालिका और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम।
- फोटो : BIJNOR
विस्तार
बिजनौर के अस्पतालों से निकलने वाला बायोवेस्ट पालिका के कूड़ेदानों को ठिकाने लगाया जा रहा है। नगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पतालों का निरीक्षण किया तो इसकी पोल खुली। शहर के कई प्राइवेट नर्सिंग होम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। टीम ने पालिका के डस्टबिन में बायोवेस्ट डालने पर शहर के दो प्रतिष्ठित अस्पतालों पर जुर्माना लगाया, जबकि कई अन्य अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
बुधवार को पालिका और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बायोवेस्ट को लेकर शहर के कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पाया कि शहर के दो अस्पताल बायोवेस्ट व अन्य कूड़े का निस्तारण पालिका के कूड़ेदान किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर पालिका टीम ने बीना प्रकाश अस्पताल पर बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं करने पर पांच हजार रुपये, श्रेया हॉस्पिटल पर प्रतिबंधित प्लास्टिक इस्तेमाल करने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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वहीं गंदगी आदि कारणों की वजह से कई अन्य अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं। बता दें कि बायोवेस्ट से कई गंभीर बीमारियों के होना की आशंका ज्यादा रहती है। बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए जिले में तीन कंपनियां काम कर रही हैं। मगर कुछ नर्सिंग होम पैसे बचाने के चक्कर में बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं कर रहे हैं।
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बुधवार को पालिका और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बायोवेस्ट को लेकर शहर के कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पाया कि शहर के दो अस्पताल बायोवेस्ट व अन्य कूड़े का निस्तारण पालिका के कूड़ेदान किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर पालिका टीम ने बीना प्रकाश अस्पताल पर बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं करने पर पांच हजार रुपये, श्रेया हॉस्पिटल पर प्रतिबंधित प्लास्टिक इस्तेमाल करने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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वहीं गंदगी आदि कारणों की वजह से कई अन्य अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं। बता दें कि बायोवेस्ट से कई गंभीर बीमारियों के होना की आशंका ज्यादा रहती है। बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए जिले में तीन कंपनियां काम कर रही हैं। मगर कुछ नर्सिंग होम पैसे बचाने के चक्कर में बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं कर रहे हैं।
बायोमेडिकल वेस्ट का इतना चार्ज लेती है कंपनी
सुशीला बायोवेस्ट के मैनेजर विवेक कुमार ने बताया कि 10 बेड पर एक महीने का 1680 रुपये चार्ज लिया जाता है। वहीं 20 बेड के अस्पताल से बायोवेस्ट निस्तारित करने के लिए 2800 रुपये का चार्ज लिया जा रहा है।
बायोमेडिकल वेस्ट करने का यह नियम
बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण इंसीनेरेटर में ही करना होता है।
अस्पताल मैनेजमेंट को हॉस्पिटल से निकलने वाले वेस्ट को तीन हिस्सों में बांटना होता है।
ब्लड, मानव अंग जैसी चीजों को लाल डिब्बे में डालना होता है।-कॉटन, सिरिंज, दवाईयों को पीले डिब्बे में डालना होता है।
मरीजों के खाने की बची हुई चीजों को हरे डिब्बे में डाला जाता है।
यह भी पढ़ें: मुजफ्फरनगर: सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे भाजपा विधायक विक्रम सैनी, जल्द होगी अपील पर सुनवाई
इन डिब्बों में लगी पॉलिथीन के आधे भरने के बाद इसे पैक करके अलग रख दिया जाता है, जहां इंफेक्शन का खतरा न हो।
बायोमेडिकल वे11स्ट से एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसलिए इसका उचित ढंग से सही निस्तारण किया जाना चाहिए। सभी अस्पतालों को इसके निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ
सुशीला बायोवेस्ट के मैनेजर विवेक कुमार ने बताया कि 10 बेड पर एक महीने का 1680 रुपये चार्ज लिया जाता है। वहीं 20 बेड के अस्पताल से बायोवेस्ट निस्तारित करने के लिए 2800 रुपये का चार्ज लिया जा रहा है।
बायोमेडिकल वेस्ट करने का यह नियम
बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण इंसीनेरेटर में ही करना होता है।
अस्पताल मैनेजमेंट को हॉस्पिटल से निकलने वाले वेस्ट को तीन हिस्सों में बांटना होता है।
ब्लड, मानव अंग जैसी चीजों को लाल डिब्बे में डालना होता है।-कॉटन, सिरिंज, दवाईयों को पीले डिब्बे में डालना होता है।
मरीजों के खाने की बची हुई चीजों को हरे डिब्बे में डाला जाता है।
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इन डिब्बों में लगी पॉलिथीन के आधे भरने के बाद इसे पैक करके अलग रख दिया जाता है, जहां इंफेक्शन का खतरा न हो।
बायोमेडिकल वे11स्ट से एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसलिए इसका उचित ढंग से सही निस्तारण किया जाना चाहिए। सभी अस्पतालों को इसके निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ