{"_id":"5db09c578ebc3e93aa193e8f","slug":"bilai-sugar-mill-issued-indent-bijnor-news-mrt450170478","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिलाई चीनी मिल ने जारी किया इंडेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिलाई चीनी मिल ने जारी किया इंडेंट
विज्ञापन
बिलाई चीनी मिल।
- फोटो : ????? ???? ????
बिलाई चीनी मिल ने जारी किया इंडेंट
बिजनौर। पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों ने पूरी तरह कमर कस ली है। दीपावली के बाद मिलों के चक्के घूमने शुरू हो जाएंगे। बिलाई चीनी मिल ने दो दिन का करीब 51 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी कर दिया है। 31 अक्तूबर से मिल के गेट पर तौल शुरू हो जाएगी।
अगले पेराई सत्र के शुरू होने का किसानों को बेसब्री से इंतजार है। बढ़े गन्ना रकबे और उत्पादन के चलते किसान नवंबर के प्रथम सप्ताह में चीनी मिलों के संचालन की मांग कर रहे थे। जिले की चीनी मिलों ने पिछला पेराई सत्र खत्म होने के कुछ समय बाद ही मिलों में मरम्मत का काम शुरू करा दिया था। आगामी पेराई सत्र के लिए छह चीनी मिल सात नवंबर तक पेराई शुरू कर देंगी। जिले में सबसे पहले बिलाई चीनी मिल चलने जा रही है।
मिल ने किसानों को बुधवार को इंडेंट भी जारी कर दिया है। गन्ना क्रय केंद्रों पर 29 अक्तूबर से तौल शुरू हो जाएगी। 29 अक्तूबर को क्रय केंद्रों के लिए 11 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया है। इसके अलावा 30 अक्तूबर के लिए मिल गेट और क्रय केंद्रों के लिए 40 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया है। 31 अक्तूबर सुबह को विधि विधान से पूजन के बाद मिल में पेराई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
33 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हैं मिल से
बिलाई चीनी मिल से करीब साढ़े 33 हजार किसान जुड़े हैं। मिल में करीब 24 हजार हेक्टेअर जमीन में खड़े गन्ने की सप्लाई होती है। मिल की पेराई क्षमता 90 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल जल्दी चलने से किसान गेहूं की फसल समय से बो पाएंगे। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार मिल ने इंडेंट जारी कर दिया है। 29 नवंबर से क्रय केेंद्रों पर तोल शुरू कर दी जाएगी। 31 नवंबर से मिल गेट पर तौल होगी।
विज्ञापन
बिजनौर। पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों ने पूरी तरह कमर कस ली है। दीपावली के बाद मिलों के चक्के घूमने शुरू हो जाएंगे। बिलाई चीनी मिल ने दो दिन का करीब 51 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी कर दिया है। 31 अक्तूबर से मिल के गेट पर तौल शुरू हो जाएगी।
अगले पेराई सत्र के शुरू होने का किसानों को बेसब्री से इंतजार है। बढ़े गन्ना रकबे और उत्पादन के चलते किसान नवंबर के प्रथम सप्ताह में चीनी मिलों के संचालन की मांग कर रहे थे। जिले की चीनी मिलों ने पिछला पेराई सत्र खत्म होने के कुछ समय बाद ही मिलों में मरम्मत का काम शुरू करा दिया था। आगामी पेराई सत्र के लिए छह चीनी मिल सात नवंबर तक पेराई शुरू कर देंगी। जिले में सबसे पहले बिलाई चीनी मिल चलने जा रही है।
विज्ञापन
मिल ने किसानों को बुधवार को इंडेंट भी जारी कर दिया है। गन्ना क्रय केंद्रों पर 29 अक्तूबर से तौल शुरू हो जाएगी। 29 अक्तूबर को क्रय केंद्रों के लिए 11 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया है। इसके अलावा 30 अक्तूबर के लिए मिल गेट और क्रय केंद्रों के लिए 40 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया है। 31 अक्तूबर सुबह को विधि विधान से पूजन के बाद मिल में पेराई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
33 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हैं मिल से
बिलाई चीनी मिल से करीब साढ़े 33 हजार किसान जुड़े हैं। मिल में करीब 24 हजार हेक्टेअर जमीन में खड़े गन्ने की सप्लाई होती है। मिल की पेराई क्षमता 90 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल जल्दी चलने से किसान गेहूं की फसल समय से बो पाएंगे। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार मिल ने इंडेंट जारी कर दिया है। 29 नवंबर से क्रय केेंद्रों पर तोल शुरू कर दी जाएगी। 31 नवंबर से मिल गेट पर तौल होगी।